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पिथौरागढ़ के बच्चों की तस्वीरें जो एक नई उम्मीद जगा देती हैं

आज के समय में जितना यह सुनने में अजीब है उससे कई ज्यादा इन तस्वीरों को देखने में सुकून है जिनमें छोटे-छोटे स्कूल पढ़ने वाले बच्चे पेड़ों से लिपटे हुए नजर आते हैं. पिथौरागढ़ के बच्चे पेड़ों को गले लगा रहे हैं.

पिछले कुछ सालों से हरेला सोसायटी के लोग पिथौरागढ़ जिले ‘हग ए ट्री’ ( HUG A TREE) प्रोग्राम चला रहे हैं. यह हरेला सोसायटी के नेचर वाक (NATURE WALK) प्रोग्राम का एक हिस्सा है.

इस प्रोग्राम की एक ख़ास बात यह है कि यह पिथौरागढ़ शहर के बच्चों के साथ चलाया जा रहा है. यहां शहर शब्द पर जोर देना इसलिए जरूरी है कि शहर बाजार की बनायी एक ऐसी दुनिया है जिसने लोगों को प्रकृति से दूर कर दिया है.

शहर का आदमी समस्या का समाधान नहीं ढूढ़ता है वह समस्या से बचने का विकल्प खोजता है. विकल्प की इस तलाश में वह अपनी मूलभूत चीजों से ही कट जाता है.

ऐसे समय में शहर के बच्चों का पेड़ों को गले लगाना उनसे बातचीत करना एक सुकून देने वाली ख़बर लगती है. पर्यावरण के लिये काम करने वाली युवाओं की यह संस्था फिलहाल पिथौरागढ़ के बच्चों को बिगाड़ने का काम कर रही है.

हरेला सोसायटी अपने इस प्रोग्राम के द्वारा न केवल बच्चों को प्रकृति से जोड़ रही है बल्कि बच्चों को संवेदनशील भी बना रही है. इसे आप उनके यूट्यूब चैनल के वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे 15 मिनट पेड़ से बात करने के बाद बच्चों के चेहरे में दुनिया की सबसे खुबसूरत शान्ति नजर आती है.

अगले सप्ताह विश्व पृथ्वी दिवस के दिन हम हरेला सोसायटी से एक ख़ास और दिलचस्प बातचीत ला रहे हैं. तब तक इन तस्वीरों को देखिये जिनमें बच्चे, युवा और बड़ी उम्र के लोग पेड़ों से बातचीत कर रहे हैं.

सभी फोटो हरेला सोसायटी के फेसबुक पेज से साभार ली गयी हैं. हरेला सोसायटी का यूट्यूब चैनल पर उनके प्रोग्राम से सबंधी वीडियो देखिये

– काफल ट्री डेस्क

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Girish Lohani

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