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गौलापार में दिग्गजों के बीच यूं ही नहीं चमका रवि

सफलता की कहानी यूं ही नहीं लिखी जाती. ईमानदारी से किए गए संघर्ष  और कड़ी मेहनत ही सफलता की कहानी बयां कर देती है. आजकल राजनीति जिस दौर में पहुंच गई है, वहां केवल पहुंच, रसूख व धन का ही बोलबाला है. Golapar Panchayat Election Result Surprises All

ऐसे में आम नागरिक के लिए सफलता हासिल करना आसान नहीं रह गया है. इसके बावजूद पंचायत चुनाव में एक युवा ने ऐसा कर दिखाया, जिसे करने के लिए तमाम नेताओं ने उम्र गुजार दी, बाल पका दिए, जवानी मिटा दी और सुकून से जीने की चाह को छोड़ दी, फिर भी बाजी नहीं मार पाए.

बात हो रही है गौलापार चोरगलिया क्षेत्र निवासी रविशंकर जोशी की, जिसने सामाजिक क्षेत्र में कड़ी मेहनत की और अपनी पत्नी निवेदिता जोशी को जिला पंचायत सदस्य पद पर जीत दिला दी.
वैसे तो गांवों की राजनीति में जिला पंचायत सदस्य का खास महत्व नहीं है, क्योंकि गांव में प्रधान को ही महत्वपूर्ण अधिकार हैं. जनप्रतिनिधियों के तौर पर विधायक व सांसद भी हैं. इसके बावजूद पंचायत चुनावों में दिग्गज नेता जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य में अपना राजनीतिक भविश्य तलाशते हैं. Golapar Panchayat Election Result Surprises All

निवेदिता जोशी

कुमाऊं के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी ब्लॉक के इस सीट पर पूरे जिले की निगाह टिकी हुई थी. ऐसा इसलिए कि यहां पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी चुनाव लड़ रही थी. जिसे जिला पंचायत अध्यक्ष का भी दावेदार माना जा रहा था. उनके पति कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शुमार हैं. विधायक का टिकट हासिल करने के लिए प्रबल दावेदारी भी कर चुके हैं. जिनके चुनाव प्रचार के लिए प्रदेश के किसी छोटे-मोटे नेता ने नहीं, बल्कि पूर्व सीएम व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने भी प्रचार किया था. दूसरी तरफ थी सत्तारूढ़ दल भाजपा की समर्थित उम्मीदवार ममता कार्की, जिनके पति भाजपा नेता हैं. भाजपा विधायक नवीन दुम्का समेत तमाम नेता उनके प्रचार के लिए पूरी ताकत के साथ जुटे थे. यहां तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अजय भट्ट भी वोट मांगने रोड शो के लिए निकले थे.

ऐसे दिग्गजों के बीच में बिना राजनीतिक बैकग्राउंड वाले युवा रविशंकर जोशी का मतदान के करीब 10 दिन पहले अचानक चुनाव लड़ने की घोषणा करना सभी को चौंका गया. सामान्य किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले युवा आरटीआई कार्यकर्ता हैं जिन्होंने समाज हित में लोक सूचना के अधिकार का प्रयोग कर वंचितों, शोषितों को न्याय दिलाने के लिए साथ ही भ्रष्टाचार करने वालों को सलाखों के पीछे डलवानेे के लिए लड़ाई लड़ी. उनकी इस लड़ाई यानी संघर्ष को जनता ने समझा और उन्हें सिर आंखों पर बैठा लिया. Golapar Panchayat Election Result Surprises All

रविशंकर जोशी

पॉलीटेक्निक की डिग्री हासिल करने वाले 34 वर्षीय रवि शंकर के अंदर की आग ही है, जो उसे चैन से नहीं बैठने देती. जो हमेशा आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती है. बड़े सपने देखने और उन्हें पाने के लिए त्याग करने के लिए मजबूर कर देती है. वह इतनी जीत भर से खुश नहीं हैं. सामाजिक व राजनीति के शिखर पर पहुंचने के लिए उन्हें यह जीत और प्रेरित कर रही है.

रवि का कहना है, जीवन में हार-जीत तो लगी रहती है, लेकिन जरूरी यह है कि हम कितनी ईमानदारी से उसे पाने के लिए प्रयासरत हैं. यह जीत महज एक रास्ता है, जो मुझे सामाजिक कार्यों को और जिम्मेदारी से करने के लिए हौसला दे रही है.

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गणेश जोशी 

हल्द्वानी निवासी गणेश जोशी एक समाचार पत्र में वरिष्ठ संवाददाता हैं. गणेश सोशल मीडिया पर अपना ‘सीधा सवाल’ सीरीज में अनेक समसामयिक मुद्दों पर जिम्मेदार अफसरों, नेताओं आदि को कटघरे में खड़ा करते हैं. काफल ट्री की शुरुआत से हमारे सहयोगी.

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