हैडलाइन्स

चम्पावत में सामान्य वर्ग के छात्रों का दलित भोजन माता के हाथों बना मिड डे मील खाने से इनकार

हाल ही में उत्तराखण्ड का चम्पावत जिला एक दलित टेलर की पीट-पीट कर हत्या किये जाने के मामले में चर्चित रहा था. देवीधुरा के गाँव केदारनाथ में रमेश राम की हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि शादी के भोज में अपने हाथों से खाना निकलने पर रमेश राम की हत्या कर दी गयी. पुलिस ने इस मामले में हत्या और अनुसूचित जाति-जनजाति एक्ट के तहत मुक़दमा कायम किया, जांच अभी चल रही है. (Champawat Dalit Bhojan Mata)

ताजा मामले में सूखीढांग इंटर कॉलेज के सामान्य वर्ग के छात्रों ने अनुसूचित जाति की भोजन माता के हाथों बना भोजन ग्रहण करने से इनकार कर दिया. गौरतलब है कि चम्पावत जिले के सूखीढांग के इस इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले सूखीढांग इंटर कॉलेज के कुल 230 छात्र-छात्राओं में से छठी से आठवीं तक के 66 छात्र-छात्राओं के लिए मिड-डे-मील बनता है. इनमें 16 दलित छात्र हैं. दिन पहले विद्यालय की भोजन माता शकुन्तला देवी सेवानिवृत्त हो गयी थीं. विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा नयी भोजन माता के तौर पर अनुसूचित जाति की सुनीता देवी पत्नि प्रेम राम को नियुक्त किया. शनिवार को विद्यालय के सामान्य वर्ग के छात्रों ने भोजन माता सुनीता देवी के हाथों बना मिड डे मील खाने से इनकार कर दिया.  

इसे भी पढ़ें : नैनीताल के ओखलकांडा में दलित भोजन माता का बनाया खाना खाने से इनकार

शनिवार को सामान्य वर्ग के बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर सुनीता देवी की नियुक्ति को लेकर बवाल भी काटा. अभिभावकों का तर्क था कि विद्यालय में सामान्य वर्ग के छात्र बहुमत में हैं इसलिए भोजन माता की नियुक्ति भी इसी वर्ग से की जानी चाहिए. अभिभावक चाहते हैं कि भोजन माता के रूप में पुष्पा भट्ट की नियुक्ति की जाये. उनका आरोप है कि प्रधानाचार्य प्रेम राम द्वारा मनमाने तरीके से सुनीता देवी को भोजन माता के रूप में नियुक्त कर दिया है.  

प्रधानाचार्य प्रेम सिंह के अनुसार शासनादेश के क्रम में ही नयी भोजन माता की नियुक्ति की गयी है. प्रधानाचार्य द्वारा घटनाक्रम की जानकारी सीईओ आरसी पुरोहित को दे दी गयी है. मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा उपखण्ड शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच सौंपी है. उपखण्ड शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट आज कॉलेज जाकर मामले की जांच शुरू करेंगे.     

आज के दिन ही घटा था कफल्टा का शर्मनाक हत्याकांड

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Sudhir Kumar

View Comments

  • मरते व्यक्ति की जिन्दगी बचने वाले रक्तदानवीर की जाती पूछने का ख्याल उस क्यो नही आता ?

Recent Posts

हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी

इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान…

2 weeks ago

भारतीय परम्परा और धरती मां

हमारी भारतीय परंपरा में धरती को हमेशा से ही मां कह कर पुकारा गया है. ‘माता…

3 weeks ago

एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता

तत्कालीन नार्थ वेस्टर्न प्रोविनेंस यानी उत्तर प्रदेश के जिस ब्रिटिश अधिकारी ने उन्नीसवीं शताब्दी के…

3 weeks ago

बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान

संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान…

4 weeks ago

शकटाल का प्रतिशोध

पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र…

4 weeks ago

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

2 months ago