अल्मोड़ा 10 नवंबर, बीते शनिवार 9 नवंबर को यहां जननायक डॉ शमशेर सिंह बिष्ट की याद में किताब पर चर्चा और लेखक से मुलाकात का कार्यक्रम आयोजित किया गया. Gahan Hai Yah Andhkara
यह कार्यक्रम यहां अल्मोड़ा किताब घर में काफल ट्री व अल्मोड़ा किताब घर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया. Gahan Hai Yah Andhkara
कार्यक्रम में अभी हाल में ही राजकमल प्रकाशन दिल्ली से प्रकाशित किताब ‘गहन है यह अंधकारा’ जो कि पुलिस और उसकी कार्यशैली और उसमें किए जाने वाले जरूरी सुधारों पर व एक सच्ची घटना पर आधारित उपन्यास है एवम् एक पुलिस अधिकारी द्वारा लिखी गई है पर चर्चा की गई इस दौरान किताब के लेखक अमित श्रीवास्तव उपस्थित लोगों और पाठकों से खुद रूबरू हुए.
किताब के लेखक अमित श्रीवास्तव हल्द्वानी में पुलिस विभाग में विजिलेंस में एस. पी. के पद पर कार्यरत हैं और यह उनकी तीसरी किताब है सरकारी नौकरी में होते हुए भी अमित ने अपने अंदर के लेखक को जिंदा रखा है.
किताब पर चर्चा कार्यक्रम का मुख्य उददेश्य साहित्य के क्षेत्र में मौजूद किताबों के बारे में जानना और उन्हें पड़ कर उनके बारे में आपस में बातचीत करना है और इस तरह के कार्यक्रम अल्मोड़ा किताब घर में आगे भी आयोजित होते रहेंगे ताकि युवा पीड़ी पड़ने लिखने की संस्कृति से जुड़ सके. इस अवसर पर मौजूद वक्ताओं ने लेखक से किताब को लेकर सवाल भी पूछे.
कार्यक्रम में डॉ दिवा भट्ट, कपिलेश भोज, डॉ एस ए हामिद, डॉ महेंद्र सिंह मिराल, डॉ इंद्रा बिष्ट, रेवती बिष्ट, भगवान डोभाल, जंगबहादुर थापा, शंभू राणा, नवीन चंद्र गुरुरानी, नमिता गुरुरानी, अमित जोशी, किशन बिष्ट, भारत साह, राहुल तिवारी, गोकुल शाही, सौरभ पाण्डेय व काफल ट्री के अशोक पाण्डे एवम् जयमित्र सिंह बिष्ट व युवा पाठक उपस्थिति रहे.
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जयमित्र सिंह बिष्ट
अल्मोड़ा के जयमित्र बेहतरीन फोटोग्राफर होने के साथ साथ तमाम तरह की एडवेंचर गतिविधियों में मुब्तिला रहते हैं. उनका प्रतिष्ठान अल्मोड़ा किताबघर शहर के बुद्धिजीवियों का प्रिय अड्डा है. काफल ट्री के अन्तरंग सहयोगी.
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