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“गिर्दा” की जयंती पर लोकगायक संत राम व आनंदी देवी का अल्मोड़ा में सम्मान

आज जनकवि गिरीश चन्द्र तिवारी का जन्मदिन है. उनके जन्म दिन पर अल्मोड़ा के नगरपालिका सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

स्व विजय जोशी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जन सहयोग से लोकगायक संत राम और आनंदी देवी को सम्मानित किया गया. यह जन्मान्ध जोड़ा हर साल नंदाष्टमी के मौक़े पर अपने गांव से यहाँ पहुँचता है और कई दिनों तक बिना थके अपनी कला का प्रदर्शन करता है. इस गायन में कुछ बड़ा तामझाम नहीं लगता. वाद्य के नाम पर बस एक हुड़का और बहुत हुआ तो माइक लाउडस्पीकर. बाक़ी इन दोनों की साधना, कलेजे में पैठा हिमालय और गीतों में बसने वाले उसके बाँके-अलबेले देवी देवता.

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड मेरी जनम भूमि की ओर से संत राम व आनंदी देवी पर निर्मित लघु वृत्त चित्र का प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम में जनकवि गिर्दा के तदुक नी लगा उदेख घुनन मु​नई न टेक, उत्तराखंडा मेरी मातृभूमि समेत कई जनगीत भी गाये गये.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रोफेसर देवसिंह पोखरिया थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी त्रिभुवन गिरी महाराज द्वारा की गई. प्रोफेसर देवसिंह पोखरिया ने बताया कि लोकगायक संत राम और आनंदी देवी, पिछले कई सालों से नंदा देवी मेले में भी अपनी मधुर कंठ से लोकगीतों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं.

कार्यक्रम के अध्यक्ष स्वामी त्रिभुवन गिरी महाराज लोकगायक संत राम और आनंदी देवी के लिये आयोजकों की इस पहल की सराहना की. कुमाऊनी में संचालित इस कार्यक्रम के आयोजन की मुख्य भूमिका नीरज भट्ट व नारायण पाठक ने निभायी.

इस कार्यक्रम में अल्मोड़ा नगर के गणमान्य जन भी शामिल हुये. उत्तरा न्यूज में छपी ख़बर के अनुसार कार्यक्रम में शामिल अन्य व्यक्ति वरिष्ठ रंगकर्मी नवीन बिष्ट, हयात सिंह रावत, महेंद्र ठकुराठी, पीसी तिवारी, डॉ नीरज पंत, श्याम सिंह कुटौला, चंदन सिंह बोरा, नारायण​ सिंह थापा, कृष्ण मोहन बिष्ट, विमला तिवारी, रेखा जोशी, प्रेमा गढ़कोटी, गोकुल सिंह बिष्ट, नीरज सिंह पांगती, वैभव जोशी, आशुतोष रावत, अजय कुमार, प्रदीप कुमार, मनोज पवार, नवनिर्वाचित छात्रा उपाध्यक्ष मेघा डसीला, हिमानी डसीला, जयमित्र बिष्ट समेत कई लोग मौजूद थे.

अल्मोड़ा से कार्यक्रम की सभी तस्वीरें काफल ट्री के साथी जयमित्र सिंह बिष्ट ने भेजी हैं :

-काफल ट्री डेस्क

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