Featured

विवादों में घिरे रहने वाले जीनियस डायरेक्टर रोमन पोलैंस्की

आज रोमन पोलैंस्की का जन्मदिन है. 18 अगस्त 1933 को पेरिस में जन्मे फ्रेंच पोलिश मूल के रोमन पोलैंस्की ने अनेक ऑस्कर सहित सिनेमा के सभी संभव पुरस्कार जीते हैं. उन्हें बीसवीं शातब्दी के सबसे मशहूर और प्रतिभावान निर्देशकों में गिना जाता है. (Controversial Roman Polanski Birthday )

एक कलाकार के रूप में उनका जीवन अनेक तरह के विवादों में घिरा रहा. (Controversial Roman Polanski Birthday )

1969 में अमेरिका के मशहूर बेवर्ली हिल्स में एक घर में पांच लोगों की क्रूरतापूर्ण हत्या कर दी गयी थी. इनमें मश्हूत अदाकारा शैरन टेट भी थीं. मौके पर पुलिस को एक चश्मा मिला जो हत्यारे का हो सकता था.

जब मशहूर फिल्म डायरेक्टर रोमन पोलैंस्की को इस हत्याकांड की खबर मिली वे लन्दन में थे. शेरन टेट उनकी पत्नी थीं. वे वापस अमेरिका लौटे लेकिन महीनों तक मर्डर केस सुलझ नहीं सका. इया हत्या से गहरे प्रभावित हुए रोमन पोलैंस्की ने चश्मों के लेंस नापने का यंत्र तक खरीदा ताकि वे घटनास्थल पर मिले इकलौते सुबूत को और पुख्ता तरीके से जांच सकें.

उन्हीं दिनों रोमन पोलैंस्की ने ब्रूस ली से आत्मरक्षा की कक्षाएं लेना शुरू किया जिनके लिए वे एक घंटे का एक हजार डॉलर लिया करते थे. एक बार ऐसी ही एक कक्षा के दौरान ब्रूस ली की किसी बात को गलत समझ कर रोमन पोलैंस्की ने यहाँ तक मान लिया कि उनकी पत्नी की हत्या ब्रूस ली ने की थी. यह अलग बात है कि बाद में साबित हुआ कि ये हत्याएं चार्ल्स मेन्सन के अनुयायियों ने की थीं.

एक और मशहूर फिल्म डायरेक्टर केंटिन तारान्तिनो की फिल्म ‘वंस अपोन अ टाइम इन हॉलीवुड’ में ब्रूस ली और शेरन टेट के संबंधों को कुरेदने की कोशिश की गयी है.

1977 में रोमन पोलैंस्की पर तेरह साल की एक बच्ची के साथ यौन सम्बन्ध बनाने का आरोप लगा जिसके लिए उन्हें जेल हुई. बयालीस दिन जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत पर छोड़ा गया. इस दौरान कई तरह के कानूनी दांवपेच खेले जा चुके थे और पोलैंस्की को पता चल गया कि जो जज उन्हें छोटी सजा देने का मन बनाए हुए था उसका मन बदल चुका है. वे अमेरिका से भाग कर पहले लन्दन और बाद में फ्रांस चले गए. फ्रांस के नियमों के मुताबिक़ उन्हें अमेरिका को सुपुर्द नहीं किया जा सकता. फिलहाल उन पर लगे आरोप अब भी जस के तस हैं अलबत्ता वे इस दौरान एक से एक क्लासिक फ़िल्में बना चुके हैं.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

जब तक सरकार मानती रहेगी कि ‘पलायन’ विकास की कीमत है, पहाड़ खाली ही होते रहेंगे

पिछली कड़ी  : उत्तराखंड विकास नीतियों का असमंजस उत्तराखंड में पलायन मात्र रोजगार का ही संकट…

5 days ago

एक रोटी, तीन मुसाफ़िर : लोभ से सीख तक की लोक कथा

पुराने समय की बात है. हिमालय की तराइयों और पहाड़ी रास्तों से होकर जाने वाले…

5 days ago

तिब्बती समाज की बहुपतित्व परंपरा: एक ऐतिहासिक और सामाजिक विवेचन

तिब्बत और उससे जुड़े पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों का समाज लंबे समय तक भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक…

5 days ago

इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक स्मृति के मौन संरक्षक

हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड के गांवों और कस्बों में जब कोई आगंतुक किसी…

5 days ago

नाम ही नहीं ‘मिडिल नेम’ में भी बहुत कुछ रखा है !

नाम को तोड़-मरोड़ कर बोलना प्रत्येक लोकसंस्कृति की खूबी रही है. राम या रमेश को रमुवा, हरीश…

5 days ago

खेती की जमीन पर निर्माण की अनुमति : क्या होंगे परिणाम?

उत्तराखंड सरकार ने कृषि भूमि पर निर्माण व भूमि उपयोग संबंधित पूर्ववर्ती नीति में फेरबदल…

6 days ago