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उत्तराखंड के बाराहोती में घुसे ड्रैगन

चीनी सैनिकों एक बार फिर भारतीय सीमा में घुसपैठ की है.जानकारी के मुताबिक चीनी सैनिकों ने चमोली से सटी सीमा पर बाड़ाहोती क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की है. चीन ने अगस्त के महीने में ही तीन बार भारत में घुसपैठ की थी.

बताया जा रहा है कि चीन सैनिक क्षेत्र में करीब चार किमी तक अंदर तक घुस आए. हालांकि, चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने ऐसी किसी जानकारी होने से इन्कार करते हुए कहा कि इस बारे में सेना ही कुछ कह सकती है.

बाराहोती में 6 अगस्त, 14 अगस्त और 15 अगस्त को घुसपैठ की. चमोली के बाड़ाहोती क्षेत्र में करीब 150 से 200 चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए थे. आइटीबीपी की अग्रिम चौकी रिमखिम पर तैनात जवानों से नियमित गश्त के दौरान उनका सामना हुआ था। आइटीबीपी जवानों के देखते ही चीनी सैनिकों का दल लौट गया था.

गौरतलब है कि इससे पहले भी चीन सैनिकों ने 26 जुलाई को भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी. चमोली के बाड़ाहोती क्षेत्र में करीब डेढ़ सौ से दो सौ चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए थे. डोकलाम के बाद अब चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश से सटी सीमा पर तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. उसने भारतीय सैनिकों के गश्त पर भी आपत्ति जताई हैं.

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के मुकाबले भारतीय सेना का बुनियादी ढांचा थोड़ा कमजोर है लेकिन भारत 1962 के मुकाबले काफी आगे जा चुका है. वहीं सरहद की रखवाली करने में जवानों के जोश और जज्बे में कोई कमी नहीं है.

घटना के बाद प्रशासन का एक दल क्षेत्र का जायजा लेने भी गया था. इसके बाद जुलाई माह 18 जुलाई को प्रशासन का 17 सदस्यीय दल सीमावर्ती क्षेत्र का जायजा लेने रवाना हुआ था, लेकिन भारी बारिश के कारण रास्ते क्षतिग्रस्त होने से टीम 18 जुलाई को वापस आ गई थी.गौरतलब है कि वर्ष में चार बार प्रशासन की टीम बाड़ाहोती का जायजा लेने जाती है.

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