Featured

पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच का इतिहास

हल्द्वानी शहर में विभिन्न सांस्कृतिक टोलियों के साथ बागेश्वर, सालम, जागेश्वर आदि स्थानों से पारम्परिक वाद्ययन्त्रों के साथ कलाकारों को…

4 years ago

दहलीज: निर्मल वर्मा की कहानी

पिछली रात रूनी को लगा कि इतने बरसों बाद कोई पुराना सपना धीमे क़दमों से उसके पास चला आया है,…

4 years ago

सौत: मुंशी प्रेमचंद की कहानी

जब रजिया के दो-तीन बच्चे होकर मर गए और उम्र ढल चली, तो रामू का प्रेम उससे कुछ कम होने…

4 years ago

हल्द्वानी में नाट्य प्रस्तुतियों ने बाँधा समां

सर्द मौसम में ‘इंस्पिरेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल,’ काठगोदाम के हॉल के माहौल में तपिश का अहसास था. इस गर्मी की…

4 years ago

जानलेवा जोख़िम की ज़द में जोशीमठ

सरकारी ऐलान है कि जोशीमठ (उत्तराखंड) को अब ज्योतिर्मठ कहा जायेगा. आपका हुक्म सर आंखों पर, सरकार. आप वह सब…

4 years ago

एक अधूरी प्रेमकथा : इला प्रसाद की कहानी

मन घूमता है बार-बार उन्हीं खंडहर हो गए मकानों में, रोता-तड़पता, शिकायतें करता, सूने-टूटे कोनों में ठहरता, पैबंद लगाने की…

4 years ago

नेपाल में मुस्तँग : सीमित बसासत असीम जैव-विविधता

उत्तरी नेपाल के सुदूरवर्ती गँड़की प्रान्त में उत्तर की ओर फैले हिमालय में जहां आठ हजार मीटर ऊँचे अन्नपूर्णा व…

4 years ago

कुमाऊनी कहानी : जाग

पिरमूका दस्तनि स्वेर हाली. चारै दिन में पट्टै रै गयी. भ्यार भितेर जाण में घुनन में हाथ धरनयी. दास बिगाड़नि…

4 years ago

लोक कथा : सौतेली माँ

एक दिन एक ब्राह्मण ने अपनी पत्नी को अपने बिना खाना खाने से मना किया ताकि कहीं ऐसा न हो…

4 years ago

इतिहास का विषय बन चुकी हैं उत्तराखण्ड के पर्वतीय अंचलों की पारम्परिक पोशाकें

विश्व के अन्य भागों की भाँति ही उत्तराखण्ड की संस्कृति भी अपने आप में समृद्ध रही है, परन्तु आधुनिकता की…

4 years ago