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कोयल उस ऋतु को बचा रही है

चेन्नई में कोयल -आलोक धन्वा चेन्नई में कोयल बोल रही है जबकि मई का महीना आया हुआ है समुद्र के…

7 years ago

परीक्षा माने – ‘पर इच्छा’

दो दोस्त थे. दोनों में काफी घनिष्ठता थी. दाँत काटी दोस्ती समझ लीजिए. ये बात, इस नजरिए से बखूबी साबित…

7 years ago

राज्यसभा टीवी की प्यार भरी ‘गुफ़्तगू’ के 300 एपीसोड पूरे

जिस दौर में टी.वी.चैनलों का मतलब ही शोर और हुल्लड़बाज़ी हो गया हो, ‘गुफ़्तगू’ के 300 एपीसोड पूरा होना एक…

7 years ago

ट्रेल पास अभियान भाग – 2

पिछली कड़ी पहली जून 1994 को जब अस्कोट-आराकोट अभियान दल मुनस्यारी पहुंचा, दल के अधिकांश सदस्य मेरे पूर्व परिचित मित्र…

7 years ago

इतने विशाल हिंदी समाज में सिर्फ डेढ़ यार : छठी क़िस्त

फूलन और मनोहरश्याम की जुबान के बगैर कोई लेखक बन ही कैसे सकता है जैसे पराई धरती पर पौधा नहीं…

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माफ़ करना हे पिता – 5

(पिछली क़िस्त: माफ़ करना हे पिता - 4) माँ की मौत के साल बीतते-बीतते पिता जब्त नहीं कर पाये और…

7 years ago

स्वतंत्रता आन्दोलन में उत्तराखण्ड की महिलाएं भाग – 3

पिछला भाग जागृत महिला समाज के इन प्रयत्नों के फलस्वरूप ही कुछ समय के लिए पौड़ी व नन्दप्रयाग में महिलाओं…

7 years ago

विचारोत्तेजक सवाल छोड़ती जाती है ‘सन ऑफ मंजीत सिंह’ फिल्म

लगता है कि अच्छी फिल्मों का दौर फिर से लौट आया है. बॉलीवुड में तो अच्छी - अर्थपूर्ण फिल्में बन…

7 years ago

रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 5

(पिछली क़िस्त का लिंक - रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा - 4) सुबह उजाला हुआ तो मैं बाहर…

7 years ago

रंग उसे बीजगणित की जटिल वीथियों में ले जाते थे

मून फ्लोरिस्ट वो जब भी इस दुकान के आगे से गुज़रता, हल्का सा ठिठक जाता.. . और सोचने लगता कि…

7 years ago