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लोकथात व परंपरा का संगम स्थल : थल

मानसरोवर के निचले भागों में सरिता रूप लेने के क्रम में बांसबगड़, बिरथी, मुनस्यारी, नाचनी, हुबुली, बाघी क्विटी, झिनियां व…

7 years ago

पीपीह्या और राख के धलंग की कथा

Read in English: Myth of Pipihya from Chaundas Valley बहुत समय पहले की बात है जब विभिन्न धर्मों एवं संस्कृतियों…

7 years ago

इंदिरा गांधी को हराने वाले इस शख्स के बारे में कितना पता है आपको?

भारतीय लोकतंत्र के नायकों में से एक चुनावों का यह मौसम लोकतंत्र के अनेक नायकों को याद करने का समय…

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किशोर कुमार की सदाबहार फिल्म चलती का नाम गाड़ी

हिंदी सिनेमा में सही मायने में अगर क्लासिक फिल्मों की बात की जाय, तो चलती का नाम गाड़ी (Chalti Ka…

7 years ago

चीर बंधन के साथ होती है खड़ी होली की शुरुआत

कुमाऊनी होली में है ब्रज का प्रभाव कुमाऊँ में अधिकतर त्यौहार मौसम चक्र के बदलने या फिर फसलों को बोने…

7 years ago

ललित मोहन रयाल की नई किताब

कलुष पुंज कुंजर मृगराऊ [ललित मोहन रयाल (Lalit Mohan Rayal) कृत ‘अथश्री प्रयाग कथा’ के बहाने प्रयाग के ‘बहबूद के…

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‘केदारनाद’ की कुमाऊनी होली बसंती नारंगी

उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत संकटग्रस्त है. इसके विभिन्न कारणों पर अक्सर चर्चा होती रहती है. इन्हीं हालातों के बीच उम्मीद…

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विक्की कि विकसवा कि विक्किया

विकसवा बहुत नाराज़ था. नाराज़ होने की बात ही ठहरी. बिचारा कब से इधर-उधर चक्कर काट रहा था. रात बिताने…

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खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर : गढ़वाली होरी के गीत

वसन्त ऋतु में होली का विशेष महत्व है. गढ़वाल में होली को होरी कहा जाता है. इस नृत्यगीत में ब्रजमंडल…

7 years ago

एक कुमाऊनी गाँव में आज की फूलदेई – फोटो निबंध

आज थी फूलदेई उत्तराखंड के पहाड़ों में आज फूलदेई मनाई गयी. फूलदेई वसंत के आगमन पर व्यक्त की जाने वाली…

7 years ago