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छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : दिशाएं देखो रंग भरी, चमक भरी उमंग भरी

पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : दिल के चमन को खिलाता है कोई छिपला जाने के लिए बरम वाला रास्ता…

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स्याल्दे कौतिक की रंगत : फोटो निबंध

ओ भीना कसी के जानू द्वारहाटा, हिट साई कौतिक जानू द्वारहाटा... उत्तराखण्ड के रहने वाले लोगों ने और ख़ासकर अल्मोड़ा…

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कहानी: सूरज के डूबने से पहले

-धर्मपाल सिंह रावत "जरा सांस ले ले. बस थोडा और रह गया है, आ गई तैल्या की धार, वहाँ  टावर…

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कहानी: माँ पेड़ से ज़्यादा मज़बूत होती है

कहानियों का नदी की तरह कोई मुहाना नहीं होता ना ही सितारों की तरह उनका कोई आसमान. एक सजग दृष्टि…

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कहानी: कलकत्ते में एक रात

-आचार्य चतुरसेन शास्त्री कलकत्ता जाने का मेरा पहला ही मौका था. मैं संध्या-समय वहां पहुंचा, और हरीसन रोड पर एक…

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“जलवायु संकट सांस्कृतिक संकट है” अमिताव घोष

2024 का लब्ध प्रतिष्ठित "इरेमस" पुरस्कार प्रख्यात रचनाकार अमिताव घोष को प्रदान किया गया है. यह इस सन्दर्भ में अत्यंत…

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होली में पहाड़ी आमाओं का जोश देखने लायक होता है

होली के त्यौहार को कुमाऊँ में अलग अलग अन्दाज़ में मनाया जा रहा है. बैठकी होली का दौर तो चलता…

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पहाड़ की होली और होल्यारों की रंग भरी यादें

पहाड़ की होली और होल्यारों की यादो का रंगीन पिटारा जहा भी खुले शमां रंगमस्त हो जाता है. कभी वक्त…

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नैनीताल ने मुझे मेरी डायरी के सबसे यादगार किस्से दिए

आज जब एक साल बाद नैनीताल आई, तो लगा जो भी यहाँ से लेकर गई हूँ, सारी अच्छी-बुरी यादें, खट्टे-मीठे…

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कहानी : साहब बहुत साहसी थे

आज शेविंग करते  हुए ना जाने ध्यान  बंट गया या  फिर वही जल्दबाजी  हुई कि गाल में एक बड़ा सा…

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