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कृष्णा सोबती की कहानी ‘सिक्का बदल गया’

खद्दर की चादर ओढ़े, हाथ में माला लिए शाहनी जब दरिया के किनारे पहुंची तो पौ फट रही थी. दूर-दूर…

4 years ago

क्या सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा उत्तराखण्ड में चुनावी मुद्दा नहीं हो सकते?

आपका उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाकों में घर हो और इक्कीस सालों में पहाड़ की यात्रा में आपने कितने बार यह…

4 years ago

हार: एक अबूझ रिश्ते की कहानी

ऑफिस से घर पहुँच कर दरवाजा खोलते ही वैवाहिक निमंत्रण कार्ड पड़ा मिला. पते की लिखावट वह एकदम से पहचान…

4 years ago

‘ह्यून’ पहाड़ों में सर्दी का मौसम

ह्यून यानि कि सर्दी का मौसम. पहाड़ों के मुख्य तीन मौसम - रूड़, चौमास, ह्यून में सबसे अच्छा मौसम ह्यून…

4 years ago

महेश चंद्र पुनेठा की किताब ‘अब पहुँची हो तुम’

एक कविता संग्रह में सामान्यत: अलग-अलग थीम्स पर कविताएं लिखी जाती हैं. क्या अलग-अलग थीम पर लिखी गई कविताओं में…

4 years ago

मैं कैसे कहूँ कि यह वर्ष तुम्हें सुख दे : हरिशंकर परसाई

साधो, बीता साल गुज़र गया और नया साल शुरू हो गया. नए साल के शुरू में शुभकामना देने की परंपरा…

4 years ago

दलित भोजनमाता की नियुक्ति के बाद सूखीढांग मामले का पटाक्षेप

2 सप्ताह से सूखीढांग इंटर कॉलेज के भोजनमाता प्रकरण में आखिरकार शासन द्वारा दलित भोजन माता सुनीता देवी की नियुक्ति…

4 years ago

बोनस में प्राप्त ज़िन्दगी की नई सुबह

2022 का नया सवेरा इतिहास की एक नयी तहरीर लेकर मेरे सामने आकर खड़ा हो गया. यह नया सवेरा मेरे…

4 years ago

बुजुर्गों ने हमारे भविष्य के लिए अपने सभी सपने बलिदान कर दिए

मैं अपनी वार्षिक परीक्षाएं पास करके घर में अपने ग्रीष्म अवकाश का आनंद ले रहा था. आखिर आनंद लिया भी…

4 years ago

स्वै- पहाड़ के गांवों की गाइनो और उससे जुड़ी रवायतें

पहाड़ चढ़ना जितना मुश्किल होता है, उस पर जिन्दगी बसर करना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता. जीवन की…

4 years ago