संस्कृति

नरैणा काफल पाको चैता

अगर आप उत्तराखंड से हैं तो आपके साथ बेड़ू पाको अपने आप जुड़ जाता है. उत्तराखंड का व्यक्ति अपना परिचय…

7 years ago

बर्फ़बारी के स्वागत का उत्सव सेल्कु मेला

उत्तराखण्ड के ज्यादातर त्यौहारों, मेलों का स्वरूप अध्यात्मिक के साथ-साथ प्राकृतिक भी दिखाई देता है. यहाँ के लोग उत्सव प्रेमी…

7 years ago

किर्जी महोत्सव की कथा

उत्सव शब्द ही अपने आप में हर्षो-उल्लास एवं खुशी को व्यक्त करता है. जब भी किसी उत्सव की बात होती…

7 years ago

गंगू रमौल और सेम मुखेम के नागराजा श्रीकृष्ण

गढ़वाल की प्रचलित लोकगाथाओं के अनुसार गंगू रमौल टिहरी जनपद में स्थित सेम-मुखीम क्षेत्र के मौल्यागढ़ (रमोलगढ़) का रहनेवाला एक…

7 years ago

उत्तराखण्डी लोकसंस्कृति की अलख बनते और नयी उम्मीद जगाते युवा

आज जहाँ पलायन उत्तराखण्ड की प्रमुख समस्या बना हुआ है वहीँ कुछ युवा ऐसे भी हैं जिनमें महानगरों के सुविधाजनक…

7 years ago

ओ रुपसा रमोती

हमारे लोक की अनिन्द्य नायिकाएं - डॉ. प्रयाग जोशी लोक गाथाओं के साहित्यिक सौन्दर्य का संपूर्ण निदर्शन उनमें आई नायिकाओं…

8 years ago

लंबी दाढ़ी वाला काज़ी (मराठी लोक कथा)

एक काज़ी साहब दिए की रोशनी में कोई पुरानी किताब पढ़ रहे थे. उसमें उन्होंने एक जगह पढ़ा "लंबी दाढ़ी…

8 years ago

कद्दू और मुटल्ली बुढ़िया की कथा

एक बुढ़िया अपने बेटे बहू के साथ एक अकेले घर में रहती थी. वे दोनों उसके साथ बुरा बर्ताव करते…

8 years ago

अभिनय, स्वांग और रोमांच का उत्सव ‘हिल-जात्रा’

पिथौरागढ़ में बुधवार को 'हिल-जात्रा' मनाई गई. यह एक ख़ास आयोजन है जो​ कि सिर्फ़ पिथौरागढ़ में ही मनाया जाता…

8 years ago