पर्यावरण

‘हरी भरी उम्मीद’ की समीक्षा : प्रभात उप्रेती

सारे भारत में जनजातीय इलाकों में जो कौम बसती थी उनको रोजी-रोटी जिंदगी, जंगलों से चलती है. उनका उन पर…

6 years ago

च्यूरे का पेड़ आज भी शिवजी के वरदान को निभा रहा है

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree गरीब तो बहुत होते हैं पर वह निहंग…

6 years ago

पहाड़ के भाईयों की कलाई में सजेगी रिंगाल से बनी राखी

रिंगाल की राखी. यह कल्पना ही स्वयं में अद्भुत है. पहाड़ से जुड़ा कोई भी व्यक्ति के इसे सुनते ही…

6 years ago

प्रकृति से प्यार करने वाला युवा पहाड़ी किसान : चंदन सिंह नयाल

नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक में एक गाँव पड़ता है नाम है नाई. नाई गांव में अभी कुछ साल पहले…

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53 साल पहले बादल फटने की घटना का आँखों देखा हाल

बरसात के मौसम के शुरू होते ही पहाड़ी प्रदेशों में बादल फटने की घटनाओं की खबर समाचार पत्रों, रेडियो, दूरदर्शन…

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बिजलि भूमि : जनपक्षीय आंदोलनों को आवाज़ देने वाला नरेन्द्र सिंह नेगी का जनगीत

केदारनाथ आपदा को सात साल हो गए हैं पर घाव अब भी बने हैं. अनियोजित विकास भी इसके प्रमुख कारणों…

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पहाड़ की घास जो पशुओं के प्यारी है

उत्तराखंड में करीब पचहत्तर फीसदी भू भाग प्राकृतिक चरागाहों, बुग्याल या अल्पाइन मीडोज, वनों, गोचर, बंजर और खेती  पाती  के…

6 years ago

उत्तराखंड में भीषण वनाग्नि की अफवाह के बीच प्रशासन की यह पहल सराहनीय है

आमतौर पर मैं ही क्या, शायद आप में से भी कई लोग ये मानते ही होंगे कि चाहे सरकार कोई…

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देवताओं को अपने जंगल समर्पित कर हमारे पुरखों ने बचाया है पर्यावरण

1999 में फ्रेंच फिल्मकार एरिक वाली ने एक फिल्म बनायी, ‘हिमालया’. नेपाल के ट्रांस हिमालय के नमक संग्रह करने वालों…

6 years ago

ग्राफ्टिंग तकनीक से बदल सकती है उत्तराखण्ड की भी तस्वीर

उद्यानिकी के क्षेत्र में ग्राफ्टिंग टैक्नीक (कलम बन्दी विधि) कोई नया प्रयोग नहीं है, वर्षों से उद्यानों में इस विधि…

6 years ago