कॉलम

गीतकार योगेश के गीत के लिए मुकेश को मिला इकलौता राष्ट्रीय पुरस्कार

पार्श्वगायक मुकेश ने हिंदी सिनेमा को एक-से-एक नायाब नगमे दिए. उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड तो कई मिले (चार बार), लेकिन राष्ट्रीय…

7 years ago

बाजार ने हम सबको बिगड़ैल बच्चा बना दिया है

4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – चौथी क़िस्त पिछली क़िस्त का लिंक: पिता द्वारा टट्टी में सनी…

7 years ago

और भी थे इम्तिहां

कहो देबी, कथा कहो – 42 पिछली कड़ी- समय के थपेड़े ज़िंदगी जम कर इम्तिहां ले रही थी और हम…

7 years ago

आज चन्द्रसिंह गढ़वाली द्वारा पेशावर में की गयी एक ऐतिहासिक घटना की जयन्ती है

1994 में भारत सरकार ने उनकी फोटू वाला एक डाक टिकट जारी किया और नामकरण किये जाने से छूट गईं…

7 years ago

और मां ने सिन्ने यानी बिच्छू घास से लाल कर दी मेरी टांगे

पहाड़ और मेरा जीवन – 30 मैं बचपन से ही थोड़ा बेपरवाह मगर बहुत स्वाभिमानी रहा हूं. बचपन में मैं…

7 years ago

3 ईडियट्स: हल्के-फुल्के अंदाज में यांत्रिक शिक्षा-पद्धति पर गहरे सवाल

3 ईडियट्स (Three Idiots) निर्देशक: राजू हिरानी (Raju Hirani) गंभीर मुद्दों को हल्के-फुल्के अंदाज में कहने और सेल्यूलाइड स्क्रीन पर…

7 years ago

हीरा-लीक्स

गुडी गुडी डेज़ अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 20 अमित श्रीवास्तव हीरामन के पास एक बक्सा…

7 years ago

भाई साहब! मैं बाल कवि नहीं हूँ!

उसका वहां होना, जहां उसे नहीं होना चाहिये था, स्वयं में एक घटना थी. सभागृह- प्रेक्षागृह, वाचनालय- पुस्तकालय, विश्वविद्यालय-मदिरालय, ऐसे…

7 years ago

अंग्रेजों के ज़माने में रॉबर्स केव कहलाता था देहरादून का गुच्चुपानी

देहरादून में देहरादून की व्यस्त और प्रदूषित सड़कों से बाहर निकलकर कुछ ऐसी जगहें भी हैं जो बेहद खूबसूरत और…

7 years ago

पार्वती की ख़ुशी है फुल्यारी की संग्रांद

हे! बीरा फूफू, हे! बीरा फूफू, हे! बैरी (बहरी,) हे! सुनती है कि नहीं, मैं अपनी छज्जा के किनारे तब…

7 years ago