कॉलम

निमक का है हरामी यह खुदा भेजा क्यों हिन्दुस्तां

गढ़वाल शैली की चित्रकला के प्रवर्तक महान चित्रकार और कवि मौलाराम (1743-1833) की कला बहुत लम्बे समय तक जनता के…

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उस ज़माने के अफ़सर ऐसे हुआ करते थे : कुमाऊं कमिश्नर पर्सी विंडहैम का किस्सा

वर्ष 1913 एक दिन, करीब 8 बजे जब मैं किच्छा में एक स्कूल का निरीक्षण कर रहा था, एक अध्यापक…

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पचास साल पहले इलाहाबाद में कथाकार अशोक कंडवाल के साथ: प्रेमचंद और उनके बेटे की स्मृतियां

अपनी जिंदगी के किसी पुराने टुकड़े को एकदम जीवंत रूप में देखना कितना रोमांचकारी होता है, इसका अहसास मुझे कुछ…

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120 साल पहले ऐसे जाते थे काठगोदाम-नैनीताल से अल्मोड़ा

सी. डब्लू. मरफी की किताब ‘अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊँ’ (1906) से आप अनेक दिलचस्प विवरण पढ़ चुके हैं.…

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पहाड़ को जानने के लिए बेहद जरूरी हैं एटकिंसन और उनका हिमालयन गजेटियर

एडविन फीलिक्स टॉमस एटकिंसन आयरलैंड की टिपरी काउंटी में 6 सितम्बर 1840 को जन्मे थे. कीट-पतंगों का अध्ययन यानी एंटोमोलॉजी…

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सरकार हरेला को उत्तराखंडी पर्यावरण दिवस बनाने को अग्रसर है

आज सरकार, समाज सभी हरेला को केवल पर्यावरण से जोड़ने की जुगत में लगे हैं. इसमें सभी के अपने फायदे…

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खुद तो थे कंगाल गुरुजी कर गए मालामाल गुरुजी !

अभी पन्द्रह दिवस पूर्व ही लघु अमावस्या बीती है. इसे चेला अमावस भी कहते हैं. आज गुरु पूर्णिमा का पावन…

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समय ने छीन ली बच्चों से बुजुर्गों की मीठी डांट और परीकथाएं

कहते हैं बुज़ुर्गों की डांट-फटकार बच्चों के लिए जीवन का सबब होती थी.मां की डांट को बच्चे नज़रअंदाज़ कर जाते…

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राजा कोकू रावत और हिरन के मांस की शौकीन रानी की लोककथा

बरसों पहले कोकूकोट में कोकू रावत नाम का एक राजा हुआ करता था. राजा कोकू की सात रानियां थी लेकिन…

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पौड़ी का कण्डोलिया ठाकुर मंदिर

माना जाता है कि चंद साम्राज्य की राजधानी चम्पावत से डुंगरियाल-नेगी जातियों से सम्बन्ध रखने वाले कुछ परिवार अपना मूल…

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