कॉलम

बदलते दौर में भी कुमाऊं के गाँवों ने जिंदा रखी हैं अपनी प्राचीन परंपराएं

उत्तराखंड राज्य में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों में रहने वाले लोग कुमाऊनी कहलाते हैं. नैनीताल जिले के पर्वतीय…

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उत्तराखंड में महाभारत कथा से जुड़ी कुछ जरूरी किताबें और शोध

कुमाऊं में प्रचलित महाभारत कथाओं पर शोध अलग-अलग समय और हिस्सों में हुआ है. अब तक डॉ. रामसिंह, पद्मादत्त पन्त…

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जनपद पिथौरागढ़ के मेले

लोक जीवन में मेलों का एक अलग स्थान है. मेले, कष्टसाध्य जीवन जीते पर्वतीय लोगों को अपने प्रियजनों, नाते-रिश्तेदारों और…

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पहाड़ की शादियां

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की शादियां और वहां के रीति-रिवाज अपने आप में बहुत अनोखे हैं. समय के साथ शादियों…

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सीएमएस की कुर्सी और सिस्टम का पोस्टमार्टम ?

इन दिनों बागेश्वर जिला अस्पताल भीतर ही भीतर सुलग रहा है. सिस्टम किसी के भी संभालते सँभल नहीं पा रहा…

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‘मनमोहन सिंह’ उम्मीदों से भरा सफर :

1991 से देश में आर्थिक क्रांति हुई जो निःसंदेह 1947 में नेहरू द्वारा की गई राजनीतिक क्रांति से कहीं अधिक…

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‘भूतगांव’ पहाड़ की नब्ज पकड़ता उपन्यास

पत्रकार -उपन्यासकार नवीन जोशी के उपन्यास पढ़ना, पहाड़ की नब्ज पकड़ कर शिद्दत से उसके हाल-हालात जानना और महसूस करना…

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अपनी माटी में बेटी की वापसी

6 सितंबर 2007, एक तारीख जो कैलेंडर में सिर्फ एक दिन थी, पर हमारे जीवन में वह एक अध्याय बन…

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गढ़वाल की पांडव लीला

गढ़वाल की एक विस्तृत लोक धार्मिक परंपरा का नाम है पांडव नृत्य. पांडव नृत्य ही ‘पांडव लीला’ भी कहा जाता…

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पिथौरागढ़ का प्राचीन इतिहास

आज हम जिस शांत और सुरम्य पिथौरागढ़ जिले को देखते हैं, उसका इतिहास सदियों पुराना और बेहद रोमांचक रहा है.…

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