कला साहित्य

कुमाऊं का वह राजा जिसकी सेना पृथ्वीराज चौहान से युद्ध हारी

यह लेख चन्दवरदाई कृत ‘पृथ्वीराज रासो’ ग्रन्थ के बीसवें अध्याय ‘पद्मावती समय’ का कथासार है. ‘पद्मावती समय’ ‘पृथ्वीराज रासो’ के…

3 years ago

आँछरी

भागीरथी के पार साँझ की रोशनी में बियाबान जंगलों का शोर अब खामोशी से रात की देहरी पर दस्तक देता…

3 years ago

एक लेखक से मुलाकात

यूं तो मुझे दर्जनों लेखकों से मुहब्बत है, लेकिन शंभू राणा, अशोक पांडे और अनिल यादव उनमें विरले कहे जाएंगे.…

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कुमाऊनी शैली में दोहे

मौखिक होने के कारण लोकगीत परपंराओं की अनेक चीजें अछूती रह जाती हैं. मसलन कुमाऊनी लोकगीतों के दौरान में कहे…

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मुल्क कुमाऊँ को ढुंगो ढुंगो होलो

लोकरत्न गुमानी पन्त के बाद जिस कुमाऊनी कवि का नाम आता है वह हैं कृष्ण पांडे. अल्मोड़ा जिले के पाटिया…

3 years ago

बकरी और भेड़िये

अल सुभह गांव के चौराहे वाले चबूतरे पर ननकू नाई उकड़ूं बैठकर अपने औजारों की सन्दूकची खोजने ही जा रहा…

3 years ago

पहाड़ की ठण्ड में चाय की चुस्की

बचपन से ही में मुझे शिकार खेलने का बहुत शौक था जो किशोरावस्था तक आते-आते और भी चरम सीमा पर…

3 years ago

रमोलिया हाउस में रंगोत्सव : कलर्स ऑफ होप

कुमाऊँ मंडल विकास निगम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कालाढूंगी चौराहा, हल्द्वानी के द्वितीय तल पर स्थित रमोलिया हाउस कल पूरा दिन गुलज़ार…

3 years ago

रंग बातें करें और बातों से ख़ुशबू आए

‘रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए...’ ज़िया जालंधरी की ग़ज़ल के इस मुखड़े को हक़ीक़त बनते देखना हो…

3 years ago

राजी जनजीवन की झलक दिखाता एक बेहतरीन उपन्यास

‘काली वार काली पार’ पुस्तक के लेखक शोभाराम शर्मा की एक दो कृतियां बहुत पहले पढ़ी थी, जिनमें उनके जनप्रतिबद्ध…

4 years ago