कला साहित्य

मंत्र : मुंशी प्रेमचंद की कहानी

संध्या का समय था. डॉक्टर चड्ढा गोल्फ़ खेलने के लिए तैयार हो रहे थे. मोटर द्वार के सामने खड़ी थी…

4 years ago

पंचलैट: फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी

पिछले पन्द्रह दिनों से दंड-जुरमाने के पैसे जमा करके महतो टोली के पंचों ने पेट्रोमेक्स ख़रीदा है इस बार, रामनवमी…

4 years ago

नशा : मुंशी प्रेमचंद की कहानी

ईश्वरी एक बड़े ज़मींदार का लड़का था और मैं एक ग़रीब क्लर्क का, जिसके पास मेहनत-मजूरी के सिवा और कोई…

4 years ago

नया क़ानून: सआदत हसन मंटो की कहानी

मंगू कोचवान अपने अड्डे में बहुत अक़लमंद आदमी समझा जाता था. गो उस की तालीमी हैसियत सिफ़र के बराबर थी…

4 years ago

कोट फट गया : नैनीताल का क़िस्सा

- अनिरुद्ध कुमार आठ बज रहे थे और नैनीताल की सर्दियों की रात शहर पर उतर चुकी थी. आप जानते…

4 years ago

बुद्धिमान मां और उसके बेवकूफ बेटे की कहानी

एक गांव में एक औरत और उसका बेटा पुरु रहता था. मां जितनी बुद्धिमान थी पुरु उतना ही नासमझ. जब…

4 years ago

मणिया: अमृता प्रीतम की कहानी

संध्या गहराने को थी, जब विद्या के पति जयदेव अपने काम से वापस आए और विद्या ने घर का दरवाज़ा…

4 years ago

पहाड़ी बारिश की ध्वनियां

रात भर बारिश टिन की छत को किसी ढोल या नगाड़े की तरह बजाती रही. नहीं, वह कोई आंधी नहीं…

4 years ago

घर-वापसी : बेला नेगी की कहानी

फेसमास्क लापरवाही से गले पर लटकाये, अधीरता से गाड़ी की खिड़की से अंदर झांकते हुए, पुलिस वाला शेखर को शक…

4 years ago

गौर्दा की कुमाऊनी कविता ‘झन दिया कुल्ली बेगार’

मुल्क कुमाऊँ का सुणि लिया यारो,झन दिया कुल्ली बेगार.चाहे पड़ी जा डंडै की मार,झेल हुणी लै होवौ तय्यार. तीन दिन…

4 years ago