समाज

भाबर के इलाके वास्तव में पहाड़ियों की ही भूमि है

एक समय ऐसा भी था जब कुमाऊं में भाबर की जमीन पहाड़ियों की हुआ करती थी. पहाड़ में रहने वाले…

5 years ago

पांचवी में बोर्ड परीक्षा की भीनी-भीनी यादें

जी! आप चैंकिए मत! थी यह बोर्ड परीक्षा ही, लेकिन हम चैड़ूधार के सभी छात्र-छात्राओं उर्फ छोर-छ्वारों के लिए पांचवी…

5 years ago

बचपन में दशहरा द्वारपत्र बनाने की ख़ुशगवार याद

जब हम छोटी कक्षाओं के छात्र हुआ करते और बड़े भाई जो घर के मुखिया भी थे, पुरोहिती का कार्य…

5 years ago

उत्तराखण्ड: यहाँ हर दिन है नवजात

उत्तराखण्ड का गढ़वाल-कुमाऊं दुनिया का शायद एकमात्र ऐसा भूभाग है जहाँ हर रात्रि सद्यःप्रसूता होती है और हर दिन नवजात…

5 years ago

पहाड़ से सरोकार को जीने वाले पत्रकार ‘पंकज सिंह महर’ को श्रद्धांजलि

आज इंटरनेट पर उत्तराखंड की जानकारी से जुड़े सैकड़ों पोर्टल हैं. इन सभी पोर्टल में सबसे पुराने और विश्वसनीय पोर्टल…

5 years ago

पहाड़ की एक माई जो नशे के कारोबार को मिट्टी तेल से स्वाहा कर कहलाई ‘टिंचरी माई’

उत्तराखंड में नशे का कारोबार हमेशा से एक चुनौती रही है. पहाड़ों में ऐसा कोई गांव न होगा जहां नशे…

5 years ago

अपनी बोली के शब्दों को पीछे धकेलते पहाड़ी

अपनी पृथक पहचान के लिए सृजित पृथक उत्तराखण्ड राज्य के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले पहाड़ी जनमानस में आज…

5 years ago

कुमाऊं विश्वविद्यालय बनाने के लिये पहाड़ के लोगों ने पुलिस की गोलियां तक खाई हैं

पूरे पहाड़ में एक आन्दोलन चला जिसका नाम था “कुमाऊं-गढ़वाल विश्वविद्यालय बनाओ आन्दोलन”. उत्तराखंड के पहाड़ों में कालेज पढ़ने वाले…

5 years ago

कुमाऊं में है कत्यूर कालीन ‘आदि बदरीनाथ’ का मंदिर

यह सुनने और पढ़ने में जरुर अटपटा है पर हकीकत यह है कि मूल बदरीनाथ गढ़वाल के अंश कुमाऊं में…

5 years ago

उत्तराखंड में हनुमान जी की जन्मस्थली

देहरादून में शिवालिक पहाड़ी की उत्तरी ढलान पर चन्द्रबनी नाम का गांव है. पौराणिक कथाओं के अनुसार चन्द्रबनी के आसपास…

5 years ago