मशहूर कथाकार मुंशी प्रेमचंद को गणित हिमालय सी ऊँचाई का लगता था. आगे की कई पीढ़ियों को भी लगा. महावीर…
लम्बे धवल केश और वैसी ही लम्बी धवल दाढ़ी वाले उस खूबसूरत अंगरेज़ को देखकर किसी को भी धोखा हो…
अल्मोड़ा से कोई तीस-पैंतीस किलोमाटर दूर बिनसर वन्यजीव अभयारण्य की सुन्दरता बरसातों में कई गुना बढ़ जाती है. हरियाली का…
जरूरत है जरूरत है... सख्त जरूरत है ! इसके पहले मैं गंभीर गायन को बड़ी दी के `मेरे जल्फ़ को…
साल 2008 था और गाना तूने मेरे जाना कभी नहीं जाना इश्क मेरा दर्द मेरा. यह गाना 2008 से 2009…
तब यूपी सरकार का बहुचर्चित नक़ल अध्यादेश लागू नहीं हुआ था. हालाँकि जब यह लागू भी हुआ तो उस माहौल…
आज न जाने कैसे अचानक ‘चूरे’ की याद आ गई- जैसे वर्षों बाद कोई बाल सखा सामने आ जाए. सचमुच…
पटवारी पद के सैकड़ों उम्मीदवार शारीरिक दमखम साबित करने के लिए दस किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा ले रहे थे.…
दारमा घाटी को पिछले साल यानी 2017 में 18 साल बाद फिर से अनुभव करना एक खूबसूरत ख्वाब को जीने…
मध्यकाल में गढ़वाल के पूर्वी सीमान्त के गांवों पर कुमाऊं की पश्चिमी उपत्यकाओं पर बसे कैंतुरा (कत्यूरा) लोग निरंतर छापा…