कॉलम

नैनीताल फूड प्रोडक्टस: पचास हजार की पूंजी से करोड़ों की कंपनी तक

संजीव भगत कुमाऊँ के उन गिने-चुने लोगों में हैं जिन्होंने मामूली पूंजी से सफल उद्यम खड़ा कर एक मिसाल कायम…

7 years ago

लोकतंत्र के पहरुवे

गैरीगुरु की पालिटिकल इकानोमी : अथ चुनाव प्रसंग-4 पिछली कड़ी- घोषणा पत्रों में चरम सुख बाजार की उथल-पुथल भरी खबर…

7 years ago

तूतू – मैंमैं

'आखिर हुआ क्या?' 'होना क्या था? वो हमें बाज़ार में मिले. हमे बहुत जाने-पहचाने से लगे.' 'फिर?' 'हम भी उन्हें…

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भगवान शिव के विषय में मजाक-छेड़छाड़ भरा गीत

'बोल गोरी बोल, तेरा कौन पिया...' गीत, फिल्म मिलन (1967) का एक पॉपुलर गीत है, जो सुनील दत्त और जमुना…

7 years ago

व्यंग्य का जन्म किस प्रकार होता है?

कल एक मित्र का फोन आया. मित्र मुम्बई में हैं, और अभिनय के क्षेत्र में अपना नाम कमा रहे हैं.…

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हेमवती नंदन बहुगुणा : इंदिरा युग में इंदिरा गांधी को चुनौती देने वाला राजनेता

अगर इतिहास में एक ऐसे व्यक्ति की खोज की जाय जो उत्तराखंड का हो और पहला ऐसा व्यक्ति हो जिसने…

7 years ago

भगवान तुलसीदास गलत नहीं लिख सकते

बुआजी के एक विधुर जेठ थे, जिन्हें घर के सब लोग ‘बड़े बाबजी’ पुकारते थे. मझोले कद के बड़े बाबजी…

7 years ago

गीतकार योगेश के गीत के लिए मुकेश को मिला इकलौता राष्ट्रीय पुरस्कार

पार्श्वगायक मुकेश ने हिंदी सिनेमा को एक-से-एक नायाब नगमे दिए. उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड तो कई मिले (चार बार), लेकिन राष्ट्रीय…

7 years ago

बाजार ने हम सबको बिगड़ैल बच्चा बना दिया है

4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – चौथी क़िस्त पिछली क़िस्त का लिंक: पिता द्वारा टट्टी में सनी…

7 years ago

और भी थे इम्तिहां

कहो देबी, कथा कहो – 42 पिछली कड़ी- समय के थपेड़े ज़िंदगी जम कर इम्तिहां ले रही थी और हम…

7 years ago