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भीमताल का भीमेश्वर महादेव मंदिर

भीमताल डाट में बस स्टेशन से 200 मीटर आगे उत्तराखंड का प्राचीन शिव मंदिर है. इसे भीमेश्वर मंदिर कहा जाता है. भीमेश्वर मंदिर के विषय में मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों द्वारा कराया गया था. कुछ इतिहासकारों ने से भीम के द्वारा शिव को समर्पित एक प्राचीन मंदिर माना है.

हिमालयन गजेटियर में एटकिंसन ने कहा है कि भीमेश्वर महादेव मंदिर को बाज बहादुर चंद ने 17वीं शताब्दी में बनाया था. इस मंदिर का स्थापत्य उत्तराखंड के अन्य मंदिरों जैसे बागेश्वर, जागेश्वर, गोपेश्वर आदि से मिलता है.

कुछ विद्वानों का मानना है कि भीमताल में स्थित यह भीमेश्वर महादेव का मंदिर हजारों साल पुराना है जिसका कुमाऊं के चंद राजा, बाज बहादुर चंद ने केवल पुनर्निर्माण कराया था.

इस मंदिर के प्रांगण में सूर्य और विष्णु की भी मूर्तियां हैं. जागरण में छपी एक ख़बर के अनुसार डॉ यशोधर मठपाल ने यहां स्थित सूर्य की मूर्ति को हज़ार साल पुरानी बताया है.

भीमताल में भीमेश्वर महादेव मंदिर की तस्वीरें देखिये. सभी तस्वीरें प्रोफेसर मृगेश पाण्डे ने ली हैं.

प्रोफेसर मृगेश पाण्डे
प्रोफेसर मृगेश पाण्डे
प्रोफेसर मृगेश पाण्डे
प्रोफेसर मृगेश पाण्डे
प्रोफेसर मृगेश पाण्डे
प्रोफेसर मृगेश पाण्डे
प्रोफेसर मृगेश पाण्डे
प्रोफेसर मृगेश पाण्डे


जीवन भर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुल महाविद्यालयों में अर्थशास्त्र की प्राध्यापकी करते रहे प्रोफेसर मृगेश पाण्डे फिलहाल सेवानिवृत्ति के उपरान्त हल्द्वानी में रहते हैं. अर्थशास्त्र के अतिरिक्त फोटोग्राफी, साहसिक पर्यटन, भाषा-साहित्य, रंगमंच, सिनेमा, इतिहास और लोक पर विषदअधिकार रखने वाले मृगेश पाण्डे काफल ट्री के लिए नियमित लेखन करेंगे.

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Girish Lohani

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