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इस अंदाज में नहीं सुना होगा कभी लोकगीत ‘बेड़ू पाको’

जगजीत सिंह ‘निशात’ वर्तमान में जयपुर में रहते हैं. पेंटिंग, गायकी का शौक रखने वाले जगजीत जी राजस्थान के ज़ियोलोजी विभाग से रिटार्यड हो चुके हैं. उनके गायन से संबंधित वीडियो CSamdar यूट्यूब चैनल पर देखे जा सकते हैं.           
(Bedu Pako Baramasa Jagjeet Nishat)

जगजीत सिंह ‘निशात’ को प्रारंभिक संगीत शिक्षा अपने परम पूज्य ताऊजी स्व. सेवा सिंह जी से प्राप्त हुई जो पटियाला घराने के उस्ताद आशिक अली खा के मित्र व उन के मामू उस्ताद अमीर अली खां साहिब के शागिर्द थे. इसके बाद अरकी हिमाचल प्रदेश के स्व. पं. जगन्नाथ भार्गव पंडित रातानजंकर जी के शिष्य स्व. महाराज किशोर कपूर व उस्ताद अजीजुद्दीन खां से भी उन्होंने सीखा.

उस्ताद वहीद खा के प्रमुख शिष्य पं. प्राणनाथ जी के गायन का गहन अनुभव और स्व. बेगम अख्तर का किराना घराने से संगीत शिक्षा प्राप्त करने का परामर्श उन्हें धारवाड़ के पं. संगमेश्वर गुरुव की शरण में ले गया जिनके स्व. पिता गणपत राव जी, उस्ताद अब्दुल करीम खां साहेब के शिष्य थे.
(Bedu Pako Baramasa Jagjeet Nishat)

इस प्रकार जगजीत सिंह ‘निशात’ का गायन संगीत से कहीं अधिक एक परिव्राजक की कला यात्रा का व्यक्तिगत अनुभव है. इस यात्रा में उनकी चित्रकला व साहित्य भी बराबर शामिल है. वे एक समर्थ पोट्रेट पेंटर और एक रचनाधर्मी शायर, कवि, लेखक भी हैं. ललित कलाओं की मर्मानुभूति के लिए वे कलागुरू हरीश चन्द्र राय का शिष्यत्व स्वीकारते हैं.

जगजीत सिंह ‘निशात’ वर्तमान में जयपुर में रहते हैं उनसे +919414212988 पर संपर्क किया जा सकता है. यह वीडियो CSamdar यूट्यूब चैनल से  साभार लिया गया है. इस गीत को उनके यूट्यूब चैनल पर भी सुना जा सकता है :
(Bedu Pako Baramasa Jagjeet Nishat)

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