सातवीं राज्यपाल के रूप में शपथ ली बेबी रानी मौर्य ने

बेबी रानी मौर्य ने रविवार को उत्तराखंड की नई राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की है. राजभवन में आयोजित समारोह में बेबी रानी को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. आगरा की पूर्व मेयर बेबी रानी को 21 अगस्त को उत्तराखंड का राज्यपाल मनोनीत किया गया था. उन्होंने कृष्णकांत पॉल की जगह ली है जिनका पांच वर्ष का कार्यकाल हाल ही में पूरा हुआ था .

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि उन्हें देवभूमि उत्तराखंड की सेवा करने का अवसर मिला है. राज्य के सर्वांगीण विकास में योगदान करना और उसे शीर्षस्थ राज्यों में शामिल कराना उनकी पहली प्राथमिकता है. राज्य में एक लोकप्रिय चुनी हुई सरकार है. वह संवैधानिक दायित्वों को निभाते हुए सरकार को सकारात्मक सहयोग प्रदान करेंगी. विकास के नए आयाम बनाते हुए महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, स्वच्छता अभियान से जुड़ी योजनाओं को और मजबूती दी जाएगी. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्वालिटी एजुकेशन और रिसर्च को प्रोत्साहित किया जाएगा.

उत्तराखंड की नव नियुक्त राज्यपाल 1995 से 2000 तक आगरा की महापौर रही हैं. इसके अलावा वह 2001 में प्रदेश सामाजिक कल्याण बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं. 2002 में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य थीं. एत्मादपुर सीट से मैदान में खड़ा किया था, लेकिन वह चुनाव हार गईं. उसके बाद वो सालों तक पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में काम करती रहीं. 2013 में उन्हें प्रदेश महामंत्री बना दिया गया.

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, काबीना मंत्री प्रकाश पंत, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, विधायक हरबंस कपूर व गणेश जोशी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत राज्य के तमाम आला अधिकारी मौजूद थे. समारोह में नई राज्यपाल के परिजन व रिश्तेदार भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे. इस से पूर्व जीटीसी हेलीपैड पर डीएम और एसएसपी देहरादून राज्यपाल की अगवानी की. राजभवन पहुंचने पर मुख्य सचिव और डीजीपी राज्यपाल का स्वागत किया. शपथ ग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सेना की 21 मद्रास रेजीमेंट की ओर से दिए गए सम्मान गारद का निरीक्षण किया.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी

पिछली कड़ी : एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता हिमालय को जानने समझने व…

1 week ago

एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!

आम तौर पर एक उम्र के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त, बेबस…

1 week ago

रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन

पहाड़ों में जीवन हमेशा प्रकृति के साथ जुड़कर चला है. यहाँ जंगल सिर्फ पेड़ों का…

1 week ago

हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी

इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान…

4 weeks ago

भारतीय परम्परा और धरती मां

हमारी भारतीय परंपरा में धरती को हमेशा से ही मां कह कर पुकारा गया है. ‘माता…

4 weeks ago

एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता

तत्कालीन नार्थ वेस्टर्न प्रोविनेंस यानी उत्तर प्रदेश के जिस ब्रिटिश अधिकारी ने उन्नीसवीं शताब्दी के…

1 month ago