भारत के अलावा और कहाँ मिलता है ‘काफल’

3 years ago

इन दिनों पहाड़ को जाने वाली सड़कों के किनारे काफल की टोकरी लिये पहाड़ी खूब दिख रहे हैं. लोक में…

नैनीताल की पहली यात्रा में एक स्थानीय के सिर पर पत्थर रख गये अंग्रेज

3 years ago

आज के समय नैनीताल किसी परिचय का मोहताज नहीं. पर एक समय ऐसा भी था जब लोग नैनीताल की स्थिति…

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : लम्बी सी डगर न खले

3 years ago

पिछली कड़ी - छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : जिंदगी धूप तुम घना साया पिथौरागढ़ के सीमांत से हो रहे इस व्यापार और…

उत्तराखंड में वनाग्नि की समस्या पर एक जमीनी रपट

3 years ago

ऐतिहासिक दृष्टि से मानव सभ्यता के विकास में आग का महत्वपूर्ण योगदान है. पुरातत्ववेत्ताओं के अनुसार अफ्रीका में पैलियोलिथिक काल…

बकरी और भेड़िये

3 years ago

अल सुभह गांव के चौराहे वाले चबूतरे पर ननकू नाई उकड़ूं बैठकर अपने औजारों की सन्दूकची खोजने ही जा रहा…

1 मई और रुद्रप्रयाग का बाघ

3 years ago

यह लेख वरिष्ठ पत्रकार व संस्कृतिकर्मी अरुण कुकसाल की किताब ‘चले साथ पहाड़’ का एक अंश है. किताब का ऑनलाइन…

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : जिंदगी धूप तुम घना साया

3 years ago

पिछली कड़ी - छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : धूप सुनहरी-कहीं घनेरे साये "अब सुनो, ये जोहार के व्यापारी तिब्बत से व्यापार करने…

खोज्यालि-खोज्यालि, मेरी तीलु बाखरी

3 years ago

https://www.youtube.com/embed/Vtrp3s-fXuo पशुपालक समाजों में पशु के गुण-विशेष से आत्मीयता बरती जाती रही है. नेगी जी ने गढ़वाल की प्राथमिक अर्थव्यवस्था…

गुप्तकाल में कुमाऊं

3 years ago

कुषाण शासन के विघटन के उपरान्त उत्तर भारत में जिन राजाओं ने अपने छोटे-छोटे स्वतंत्र राज्य स्थापित किए उनमे से…

चाय की खेती की असीम संभावनायें हैं उत्तराखंड में

3 years ago

उत्तराखंड में चाय की खेती का प्रथम संदर्भ विशप हेबर ने सन् 1824 में अपनी कुमाऊँ यात्रा में दिया है.…