जोहार घाटी का सफ़र भाग – 5

8 years ago

पिछली क़िस्त का लिंक – जोहार घाटी का सफ़र -4 'मामा अब नहीं आएंगे हम ट्रैकिंग में... ! मिलम गांव से…

माफ़ करना हे पिता – 4

8 years ago

(पिछली क़िस्त: माफ़ करना हे पिता - 3) उन्हीं दिनों कभी मैंने पिता से पूछा कि क्या इंदिरा गांधी तुमको…

रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 4

8 years ago

(पिछली क़िस्त का लिंक - रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा - 3) वेदनी बुग्याल को पार करते हुए…

पैंतीस के बाद प्रेम वाया और पतित होने के नारायणी नुस्खे

8 years ago

एक बार तो लगता है कि झपटकर कर लें, लेकिन फिर दिमाग चोक लेने लगता है. यहां तक आते-आते दिल…

रामी बुढ़िया ( लोककथा )

8 years ago

एक गांव में रामी नाम की बुढिया रहती थी, उसकी बेटी का विवाह दूर एक गांव में हुआ था जहाँ…

पाताल भुवनेश्वर की यात्रा

8 years ago

उत्तराखण्ड की पावन भूमि आदिकाल से ही मानव सभ्यता का गढ रही है. मनीषीयों, विद्वानों, साधु-सन्तों, विचारकों और तपस्वियों की…

कितनी-कितनी लड़कियां भागती हैं मन ही मन

8 years ago

भागी हुई लड़कियां  -आलोक धन्वा एक घर की जंजीरें कितना ज्यादा दिखाई पड़ती हैं जब घर से कोई लड़की भागती…

सूरज की मिस्ड काल – 8

8 years ago

धूप का चौकोर टुकड़ा सुबह का समय है. कमरे के बाहर बरामदे में धूप का चौकोर टुकड़ा अससाया सा लेटा…

शुक्र है कबीर

8 years ago

शुक्र है कबीर!! तुम सल्तनत युग में पैदा हुए. आज होते तो कोई नामी कटटरवादी संगठन तुम्हारी जान का प्यासा…

रामलीला के बहाने नये – नये प्रयोग भाग : 1

8 years ago

कुमाऊॅं (उत्तराखण्ड) में प्रचलित रामलीला सम्भवतः संसार का एक मात्र ऐसा गीत नाट्य है जो ग्यारह दिनों तक लगातार क्रमशः…