जम्मू में नदी से मछलियां पकड़ना और अर्चना वर्मा की कॉपी से नकल करना

7 years ago

पहाड़ और मेरा बचपन – 10 (पिछली क़िस्त : हां मैंने चलाए साइकल के लचक मारते, पुराने टायर और भरपूर…

कुली बेगार आन्दोलन से पहले कुमाऊं परिषद

7 years ago

अमृतसर कांग्रेस के बाद के महीने अत्यन्त सक्रियता भरे थे. एक प्रकार से कुमाऊं परिषद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 43

7 years ago

  पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम…

रॉंग नंबर

7 years ago

रॉंग नंबर -आशीष ठाकुर एक दोपहर थी थकी-थकी, उदास, ठहरी हुई. खिड़कियाँ सूनी थी, आसमान अकेला. घर में सन्नाटा पसरा…

हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 44

7 years ago

सन् 1970 तक शादी-ब्याह की रस्में भी यहां ठेठ ग्रामीण परिवेश में ही हुआ करती थीं. न्योतिये प्रातः पहुँच जाते…

बागेश्वर हादसे से सबक लेते हुए सरकार अपनी कुंभकरणी नींद तोड़े

7 years ago

शुक्रवार रात जैसे ही ये ख़बर मैंने सोशल मीडिया पर देखी तो एक बार के लिए मैं सन्न रह गया.…

नई कहानी के नए प्रेरक : शैलेश मटियानी और ज्ञानरंजन

7 years ago

इतने बड़े हिंदी समाज में सिर्फ डेढ़ यार : तेरहवीं क़िस्त 1966 में नैनीताल से इलाहाबाद के लिए रवाना हुआ…

काने तिवाड़ी के धान – एक फसक

7 years ago

काने तिवाड़ी के धान - अशोक पाण्डे हमारे इधर पहाड़ों में तिवारी लोग तिवाड़ी कहे जाते हैं. गगास नदी के…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 42

7 years ago

  पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम…

पीलीभीत की बांसुरी – रोहित उमराव के फोटो

7 years ago

पीलीभीत की बांसुरी - रोहित उमराव बांस की बनी बांसुरी और उसकी मधुर-सुरीली तान आखिर किसे नहीं रिझाती? बांसुरी भारत…