1984 में अल्मोड़े के विज्ञापनों की दुनिया

7 years ago

इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि सफ़ेद को सुंदर और काले को बदसूरत मानने के चलन में विज्ञापन…

मानवीय चेतना को गहराई तक छू जाने वाली फिल्म ‘कथा’

7 years ago

फिल्म ‘कथा’ (1982) का बैकड्राप, खरगोश-कछुए की कथा पर आधारित है. बदलते हुए परिवेश में, परिवर्तित होते नैतिक मूल्यों को…

भट का जौला नहीं टर्टलबीन्स रिसोटो कहिये जनाब!

7 years ago

हल्द्वानी (Haldwani) के रहने वाले हेम पाण्डे फिलहाल पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया (Australia) के किम्बरली इलाके के ब्रूम नाम के एक तटीय…

‘नशा नहीं रोजगार दो’ के 35 बरस

7 years ago

आज ‘नशा नहीं रोजगार दो’ आन्दोलन को पूरे 35 साल हो चुके हैं. इस आंदोलन पर नैनीताल समाचार ने 1…

छापाए दिल इतना न उछालो

7 years ago

अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 18 अमित श्रीवास्तव छापे के दौरान एक सरकारी कर्मचारी के मेज…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 103

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

शिव के वंशज हिमालय के गन्धर्व

7 years ago

उत्तराखण्ड (Uttarakhand) में कई ऐसी जातियां हैं जो राजस्थान के मिरासियों की तरह ही पेशेवर रूप से गायन-वादन का ही…

नैनसिंह रावत का शुरुआती जीवन

7 years ago

तिब्बत का पहला भौगोलिक अन्वेषण करने वाले उन्नीसवीं शताब्दी के महानतम अन्वेषकों में से एक माने जाने वाले मुनस्यारी की…

इल्म-ओ-अदब का शहर लखनऊ

7 years ago

कहो देबी, कथा कहो – 32 पिछले कड़ी कहो देबी, कथा कहो –31 काम भी खाना-खज़ाना भी, यह सब तो…

बड़ी महिमा है नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे की

7 years ago

तेज हवा के झोंकों और हल्की-हल्की बारिश के बीच नानकसागर (Nanakmatta Sahib) के किनारे खड़े होकर उसमें उठती लहरों को…