गुप्तकाशी: जहाँ शिव गुप्तवास पर रहे

7 years ago

उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले में बसा है (Guptkashi) गुप्तकाशी. यह क़स्बा केदारघाटी में मन्दाकिनी नदी के सुन्दर…

और टंपरेरी ने अपनी आंख से यूं धुआं निकाला कि मुझे कभी नहीं भूला

7 years ago

पहाड़ और मेरा जीवन - 19 (पोस्ट को लेखक सुन्दर चंद ठाकुर की आवाज में सुनने के लिये प्लेयर के…

खजुराहो की शिल्पकला की झलक है चम्पावत के बालेश्वर मंदिर में

7 years ago

खजुराहो की शिल्पकला समाहित किये कामसूत्र की परम्परा का अनुसरण करती पत्थर की मूर्तियाँ कुमाऊँ में या तो अल्मोड़ा के…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 104

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

किसने आख़िर ऐसा समाज रच डाला है

7 years ago

हमारा समाज -वीरेन डंगवाल  यह कौन नहीं चाहेगा उसको मिले प्यार यह कौन नहीं चाहेगा भोजन वस्त्र मिले यह कौन…

1984 में अल्मोड़े के विज्ञापनों की दुनिया

7 years ago

इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि सफ़ेद को सुंदर और काले को बदसूरत मानने के चलन में विज्ञापन…

मानवीय चेतना को गहराई तक छू जाने वाली फिल्म ‘कथा’

7 years ago

फिल्म ‘कथा’ (1982) का बैकड्राप, खरगोश-कछुए की कथा पर आधारित है. बदलते हुए परिवेश में, परिवर्तित होते नैतिक मूल्यों को…

भट का जौला नहीं टर्टलबीन्स रिसोटो कहिये जनाब!

7 years ago

हल्द्वानी (Haldwani) के रहने वाले हेम पाण्डे फिलहाल पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया (Australia) के किम्बरली इलाके के ब्रूम नाम के एक तटीय…

‘नशा नहीं रोजगार दो’ के 35 बरस

7 years ago

आज ‘नशा नहीं रोजगार दो’ आन्दोलन को पूरे 35 साल हो चुके हैं. इस आंदोलन पर नैनीताल समाचार ने 1…

छापाए दिल इतना न उछालो

7 years ago

अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 18 अमित श्रीवास्तव छापे के दौरान एक सरकारी कर्मचारी के मेज…