सुंदर स्त्री जब शेर सुनाती है तो शेर आयत बन जाते हैं

7 years ago

'सौंदर्य की कविता' और 'कविता का सौंदर्य,' दोनों ही महत्वपूर्ण हैं. परन्तु इन दोनों से भी अधिक महत्वपूर्ण है- सौंदर्य…

डिकर: वनस्पतियों से निर्मित देव प्रतिमाएँ

7 years ago

डिकर का मतलब है पूजे जाने के लिए बनायी जाने वाली मूर्ति या वनस्पतियों से निर्मित देव प्रतिमाएँ. इनका निर्माण…

जब 4 मिनट में पहाडों की छवि मिट्टी में मिला दी गई

7 years ago

25 मार्च को न्यूज 18 इंडिया कार्यक्रम के पत्रकार प्रतीक त्रिवेदी अपने मशहूर चुनावी शो 'भैयाजी कहिन' के लिए उत्तराखंड…

भारत की पहली डबल सेंचुरी बनाने वाले पॉली उमरीगर का जन्मदिन है आज

7 years ago

भारतीय क्रिकेट के सर्वकालीन महानतम खिलाड़ियों में गिने जाने वाले पॉली उमरीगर (Polly Umrigar) ने चालीस के दशक के अन्तिम…

गैरीगुरु की पालिटिकल इकानोमी : अथ चुनाव प्रसंग

7 years ago

गैरीगुरु उर्फ गिरिजा का नाम एडम स्मिथ, रिकार्डों, जेएसमिल के बाद सीधे गुन्नार मिरडल तक जाता है. गिरिजा से उन्हें…

पिछले दरवाजे से भीतर घुसना ही हमारी संस्कृति का प्रतीक है

7 years ago

पिछला दरवाजा बड़ा चमत्कारी होता है. आगे के दरवाजे पर बैठा हुआ संतरी जिसे भीतर घुसने से रोक लेता है…

चावल भलौ आछाम को, लूण भलौ कुटी को : गंगोत्री गर्ब्याल का लेख

7 years ago

बचपन का धारचूला गंगोत्री गर्ब्याल जिस दिन कुंचा धारंचूला पहुंचता, उस दिन की खुशी का कोई पार नहीं. चित्त अति…

तवाघाट कितना कुछ बताता है हमें

7 years ago

लखनऊ में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार-यायावर-कवि गोविन्द पन्त 'राजू' देश के पहले पत्रकार थे जिन्हें अन्टार्कटिका के अभियान में जाने…

उत्तराखण्ड की वादियों में घुलता नशा

7 years ago

नशा एक सामाजिक समस्या उत्तराखण्ड राज्य की प्रमुख सामाजिक समस्याओं की बात की जाये तो उनमें नशा प्रमुख समस्या के…

मोत्दा-च्चा-बड़बाज्यू की दैहिक कहानी का अंत

7 years ago

फरहत का परिवार हमारे पड़ोस में रहता था. चूल्हे-चौके की तमाम गोपनीयता के बावजूद दोनों परिवार लगभग एक ही छत…