सरलता जो सहजता में तरमीम होती है

7 years ago

संतोष कुमार तिवारी के काव्य संकलन ‘अपने-अपने दंडकारण्य’ पर एक संक्षिप्त टिप्पणी (Review of Santosh Kumar Tiwari Book Amit Srivastava)…

हल्द्वानी और उत्तराखंड की राजनीति के कुछ पुराने पन्ने

7 years ago

राजनीति के क्षेत्र में हल्द्वानी क्षेत्र की एक ऐसी महिला का जिक्र करना आवश्यक हो जाता है जो एक साधारण…

दुनिया भर में धूम मचा रही है देश की पहली पहाड़ी गुड़िया जुन्याली

7 years ago

पिछले कुछ दिनों में सोशियल मीडिया में गुड़िया की कुछ तस्वीरों की फोटो वायरल हो रही हैं. उत्तराखंड की पारंपरिक…

घुघुती, प्योली व काफल पर्वतीय लोकजीवन के कितने करीब

7 years ago

ब्रह्मकमल और मोनाल को भले राज्य पक्षी एवं राज्य पुष्प का सम्मानजनक ओहदा मिल चुका हो, लेकिन लोकजीवन व लोकसाहित्य…

तुम से माफी माँगता हूं सतपुली की विजेश्वरी!

7 years ago

नदी की तरफ उतरते समय वह किनारे पर कपड़े धोती नजर आती है. हम नदी के तट पर दो-एक घंटे…

मनोज भट उर्फ गब्बू से पढ़े गणित के ट्यूशन के नहीं दिए गए पैसों का किस्सा

7 years ago

पहाड़ और मेरा जीवन – 57 (पिछली क़िस्त: बारहवीं में दसवीं के बच्चों को ट्यूशन पढ़ा यूं कमाए मैंने पैसे)…

उत्तराखण्ड में दलित आन्दोलन के नायक खुशीराम शिल्पकार और भूमित्र आर्य

7 years ago

एक थे चरणजीत शर्मा. मूल रूप से वे हरियाणा के रहने वाले थे लेकिन एक अर्से से वे यहीं के…

वह विकास यात्रा जिसके बाद ‘एन. डी. तेरे चारों ओर लीसा, लकड़ी, बजरी चोर’ नारा प्रचलित हुआ

7 years ago

सन् 60-70 के दशक में साम्यवादी विचारधारा के नाम पर बहुत से पाजी लोगों का जमघट मैंने यहां देखा. वे…

अल्मोड़ा में स्कूली दिनों की यादें

7 years ago

उम्र साढ़े तीन साल, कद करीब 3 या 4 फुट. पता नहीं कैसी दिखती थी मैं. बस यह जरूर याद…

मदमहेश्वर मेले का रंगारंग आगाज़

7 years ago

पंच केदारों में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की डोली के ऊखीमठ आगमन पर लगने वाले तीन दिवसीय मद्महेश्वर मेले का…