लछिमा कैंजा भूत बनकर अपने ससुराल वालों के घर गई

7 years ago

कैंजा दूसरे नंबर की थी. उसकी परवरिश कुछ उपेक्षा के साथ हुई थी. नाम था लछिमा. इजा कहती थी, वह…

कुछ तो करना है पहाड़ के लिए

7 years ago

बीस साल तक दुनिया-जहान में तमाम धकापेल कारपोरेट नौकरियां करने के बाद मार्च की एक रात सिड कपूर को उसकी…

मडुए की रोटी और हरिया साग गुमनाम क्यों

7 years ago

मक्के की रोटी और सरसों का साग, एक ऐसी भारतीय डिश है जिसे आप किसी भी स्तरीय रेस्टोरेंट के मैन्यू…

रामकरेला: स्वाद, पौष्टिकता और औषधीय गुणों से भरपूर पहाड़ी सब्जी

7 years ago

जब से आधुनिक जीवनशैली और खानपान ने इंसान का हर तरीके से बेड़ा गर्क करना शुरू किया तभी से प्राकृतिक…

जब राष्ट्रीय स्तर के नेता भी हल्द्वानी में बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के भाषण देते थे

7 years ago

आजादी की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान देने वालों और बाद में क्षेत्र का नेतृत्व करने वालों के सम्बंध में…

उत्तराखण्ड के सबसे खूबसूरत व्यू प्वाइंट चंडाक से विहंगम हिमालय

7 years ago

सोर घाटी की एक अलग ही बात है. सूरज की पहली किरण से लेकर आखिरी किरण पड़ने तक आपको न…

कम शातिराना नहीं था हल्द्वानी की राजनीति में छोटेधोती-बड़ीधोती का खेल

7 years ago

बात स्वराज आश्रम से चल कर आजादी के दीवानों की हो रही थी. इसी क्रम में वर्तमान राजनीति पर चर्चा…

पहाड़ी लाल कद्दू की ज़ायकेदार चटनी

7 years ago

सर्दियों का मौसम आते ही आप पहाड़ के किसी गांव की ओर चले जायें, आपको छत पर तथा दन्यारों पर…

कुमाऊं में आजादी के सभी केन्द्रों की धुरी था हल्द्वानी का स्वराज आश्रम

7 years ago

आजादी के बाद और कुछ हुआ हो या न हो पर जिन्हें कोई नहीं जानता था वह ऊंची सीढ़ियां चढ़…

चुड़कानी, कढ़ाही और बारिश

7 years ago

जब कभी कोई डॉक्टर मेरे खून की जांच करता है,तो उसमें निर्बाध प्रवाह, कुछ भांग, जखिया, गंद्रायणी जैसी खुशबू पाता…