‘पत्थर और पानी’ एक यात्री की बचपन की ओर यात्रा

2 years ago

‘जोहार में भारत के आखिरी गांव मिलम ने निकट आकर मुझे पहले यह अहसास दिया कि जैसे बस्ती और सभ्यता…

पहाड़ में बसंत और एक सर्वहारा पेड़ की कथा व्यथा

2 years ago

वनस्पति जगत के वर्गीकरण में बॉहीन भाइयों (गास्पर्ड और जोहान्न बॉहीन) के उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए लीनियस जैसे जीनियस…

पर्यावरण का नाश करके दिया पृथ्वी बचाने का संदेश

2 years ago

पृथ्वी दिवस पर विशेष सरकारी महकमा पर्यावरण और पृथ्वी बचाने के संदेश देने के लिए काफी कुछ करता है लेकिन…

‘भिटौली’ छापरी से ऑनलाइन तक

2 years ago

पहाड़ों खासकर कुमाऊं में चैत्र माह यानी नववर्ष के पहले महिने बहिन बेटी को भिटौली देने की एक अनूठी परम्परा…

उत्तराखण्ड के मतदाताओं की इतनी निराशा के मायने

2 years ago

-हरीश जोशी (नई लोक सभा गठन हेतु गतिमान देशव्यापी सामान्य निर्वाचन के प्रथम चरण में पर्वतीय राज्य उत्तराखंड की सभी…

नैनीताल के अजब-गजब चुनावी किरदार

2 years ago

आम चुनाव आते ही नैनीताल के दो चुनावजीवी अक्सर याद आ जाया करते हैं. चुनाव चाहे विधानसभा के हों अथवा…

आधुनिक युग की सबसे बड़ी बीमारी

2 years ago

भोगीलाल जी से मिलूँ और कुछ कथनीय-पठनीय न बने, असम्भव है. कभी-कभी तो वो कथनीय-पठनीय अविश्वसनीय भी होता है. हालाँकि…

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : दिशाएं देखो रंग भरी, चमक भरी उमंग भरी

2 years ago

पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : दिल के चमन को खिलाता है कोई छिपला जाने के लिए बरम वाला रास्ता…

स्याल्दे कौतिक की रंगत : फोटो निबंध

2 years ago

ओ भीना कसी के जानू द्वारहाटा, हिट साई कौतिक जानू द्वारहाटा... उत्तराखण्ड के रहने वाले लोगों ने और ख़ासकर अल्मोड़ा…

कहानी: सूरज के डूबने से पहले

2 years ago

-धर्मपाल सिंह रावत "जरा सांस ले ले. बस थोडा और रह गया है, आ गई तैल्या की धार, वहाँ  टावर…