आक्सीजन की कमी और ठंड से उत्तराखंड के सैनिक की सियाचिन में मृत्यु

6 years ago

उत्तराखंड निवासी हवलदार रमेश बहुगुणा ने कल चंडीगढ़ के अस्पताल में आखिरी सांस ली. हवलदार रमेश बहुगुणा सियाचिन सैक्टर में…

हिट तुमड़ि बाटे-बाट, मैं कि जानूं बुढ़िया काथ : कुमाऊं की एक लोकप्रिय लोककथा

6 years ago

किसी गांव में एक बुढ़िया थी. बूढी और निर्बल बुढ़िया एक अकेले घर में रहती थी. एक साल जाड़ों के…

पहाड़ी वनस्पतियों से बनने वाले तेल

6 years ago

च्यूरे से घी बनता तो इसके फल खाये जाते. इसके घी में रसेदार सब्जी बड़ी स्वाद बनती. इसे टपकी और…

सच्चा प्रेम करोगे तो हिंसक होने से बच सकोगे

6 years ago

4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – 43  (Column by Gayatree arya 43) पिछली किस्त का लिंक: बड़े होने…

अनगितन सीढ़ियों वाले इस घुमावदार खड़े रास्ते के बाद छियालेख का मखमली बुग्याल

6 years ago

लगभग 2018 मीटर की ऊंचाई पर आज की रात हम मालपा में थे. 17 अगस्त 1998 की दुर्भाग्यशाली रात इस…

युवा मन का शेर ‘शमशेर’ : जन्मदिन विशेष

6 years ago

‘आज शाम ठीक 4 बजे चौघानपाटा में… के खिलाफ आम जन की आवाज बुलंद करने के लिए शमशेर बिष्ट एवं…

अंगरियाल का डंक हो या पुठ पीड़ सभी का रामबाण इलाज हुआ पहाड़ में

6 years ago

जाड़ों में बदन को चुस्त, गरम रखने के लिए कई चीजें खाई जाती. ये निरोगी भी बनाये रखतीं. आस पास…

कल्पनीय सच का विधान : चंदन पांडेय के उपन्यास ‘वैधानिक गल्प’ के बहाने ‘आज’ से जिरह

6 years ago

सबकुछ सायास है वैधानिक गल्प में. उसके इस तरह से होने पर बहस होनी चाहिए क्योंकि जान बूझकर किसी घटना,…

मैं बना चौबीस रोटियों का डिनर करने वाला भिंडी पहलवान

6 years ago

पहाड़ और मेरा जीवन – 66 (पिछली क़िस्त: और यूं एक-एक कर बुराइयां मुझे बाहुपाश में लेती गईं जिम शब्द का…

सैंणी के दबाव में किशनी शहर में किरायेदार बन गया

6 years ago

किशनी बचपन से होशियार चालाक बच्चा था, गांव वाले बचु  पदान को कहते भगवान किसी को औलाद दे तो किशनी…