पहाड़ की लड़कियों का पहाड़ सा जीवन

6 years ago

आंगन की भीढ़ी में बैठे-बैठे हरूवा सुबह से पांच बीड़ी फूंक चुका था. बेटी की शादी में महज 10 दिन…

पिताओं के निकम्मेपन की वजह से माएं बच्चों के साथ एंजॉय नहीं कर पाती

6 years ago

4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – 45  (Column by Gayatree arya 45) पिछली किस्त का लिंक: अपने मातृत्व…

हिमालय की तरह विशाल हृदय वाले होते हैं वहां रहने वाले लोग

6 years ago

सुबह जागे तो बाहर का नजारा शांत था. सर्पाकार कुट्टी यांग्ती नदी के सामने सूरज की किरणों से सुनहरी आभा…

निर्मल पांडे : नैनीताल के परुवा डॉन से बालीवुड की बुलन्दियों तक

6 years ago

1962 में 10 अगस्त के दिन अल्मोड़ा जिले के पास द्वाराहाट कस्बे में पड़ने वाले गांव पान बड़ैती में एक…

‘गढ़केसरी’ अनुसूया प्रसाद बहुगुणा का जन्मदिन है आज

6 years ago

रूद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से करीब 32 किमी की दूरी पर एक गांव है ककड़ाखाल. साल 1921 में जब कुमाऊं के…

कोई कवि होय हमें क्या हानी

6 years ago

वैसे कविता के नाम पर लोगों की खाल में भूसा भरने की भारत में लंबी परंपरा रही है. अगर याद…

अब दिखावे का ही रह गया है भारत-तिब्बत व्यापार

6 years ago

नाभीढांग की सुबह खुशनुमा था. चाय पीकर हमने वापसी की राह पकड़ी. कालापानी पहुंचने पर पता चला कि आगे कहीं गर्म…

नानकसागर डैम पार करने में बाधाएँ और खतरे

6 years ago

पिछले अंक में हमने बात की थी नानकमत्ता में नानकसागर डैम के पार स्थित गॉंवों की बदहाल स्थिति की. बेशक…

पहाड़ के पारंपरिक जड़ी-बूटी ज्ञान को झोलाछाप कहकर ख़ारिज नहीं किया जा सकता

6 years ago

मध्य हिमालय की जंगलों में मिलने वाली वनस्पति स्वस्थ बनाये रखने, निरोग रहने व दीर्घायु प्रदान करने के लिए गुणकारी मानी गईं. इन…

‘कुमाऊं केसरी’ बद्रीदत्त पाण्डे का जन्मदिन है आज

6 years ago

लगभग चालीस सालों से चले आ रहे अल्मोड़ा अखबार ने 1913 के बाद ही धार पकड़ी. अल्मोड़ा अख़बार ने जब…