हर साल की तरह, इस बार भी 15 जून 2025 को उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीम करोली…
गढ़वाल की एक विस्तृत लोक धार्मिक परंपरा का नाम है पांडव नृत्य. पांडव नृत्य ही ‘पांडव लीला’ भी कहा जाता…
आज हम जिस शांत और सुरम्य पिथौरागढ़ जिले को देखते हैं, उसका इतिहास सदियों पुराना और बेहद रोमांचक रहा है.…
1857 में ग़दर के साल एक भारतीय महिला ब्रिटेन की खबरों में छाई रही. अगस्त 1856 में उसके कलकत्ता में…
भारतीय संस्कृति और सभ्यता में नदियाँ सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि सभ्यताओं का आश्रय स्थल और धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्रों का…
पिछली कड़ी : डी एस बी के अतीत में ‘मैं’ डी एस बी मेरे लिए इसलिए भी खास बना रहा…
गढ़वाल और कुमाऊं अंचल ने संस्कृति के उन्नयन और उत्थान हेतु नित नए मील के पत्थर खड़े किए हैं, इसी…
हरि दत्त कापड़ी का जन्म पिथौरागढ़ के मुवानी कस्बे के पास चिड़ियाखान (भंडारी गांव) में हुआ था. 1958 से उन्होंने…
धर्मनगरी हरिद्वार को सिर्फ गंगा मैया के घाटों के लिए ही नहीं, बल्कि यहाँ के प्राचीन और चमत्कारी शिव मंदिरों…
तेरा इश्क मैं कैसे छोड़ दूँ? मेरे उम्र भर की तलाश है... ठाकुर देव सिंह दान सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,…