हैडलाइन्स

गंगोत्री ग्लेशियर की अनाम चोटियों का नाम रखा जायेगा अटल 1 व अटल 2

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान निम की टीमों को सयुंक्त रूप से आयोजित संयुक्त अटल पर्वतारोही अभियान के तहत गंगोत्री ग्लेशियर स्थित दो अनाम चोटियों के लिये हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

गंगोत्री धाम के रक्तवन ग्लेशियर से लगी अनाम चोटी (6500 मीटर) को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम रखा जाएगा. अनाम चोटियों को लगभग 25 से 30 दिन के भीतर फतह किया जाएगा . दोनों चोटियों का नाम देश के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर क्रमश: अटल-1 और अटल-2 रखा जाएगा. इसी दौरान चोटी की ऊंचाई की वास्तविकता, रूट एवं कैंप भी चिह्नित किए जाएंगे. सफल आरोहण कर लौटने के बाद पूरी रिपोर्ट सर्वे ऑफ इंडिया और इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन (आइएमएफ) को दी जाएगी.

जानकारी के मुताबिक चोटी का नाम अटल जी के नाम पर रखने का प्रस्ताव पर्यटन विकास परिषद के सदस्य अवधेश भट्ट ने पर्यटन मंत्री को दिया है. इस प्रस्ताव को अब स्वीकृति मिल चुकी है. इसका फैसला उत्तराखंड और पर्यावरण-प्रकृति जुड़े पूर्व पीएम अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए लिया गया है. पर्वतारोही दल की तरफ से वृक्षारोपण करने, पॅालीथीन का प्रयोग नहीं करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस 25 दिसंबर के अवसर पर इस अभियान को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज कराया जाएगा.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

कुमाऊं में रामलीला की परम्परा

सांस्कृतिक परम्परा की दृष्टि से उत्तराखण्ड एक समृद्ध राज्य है. समय-समय पर यहां के कई…

3 days ago

‘पायर’ फिल्म के सुलगते सवाल…

जाने-माने पत्रकार, साहित्यकार और फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी से कल शाम मुलाकात हुई. दरअसल,उनके निर्देशन में…

3 days ago

हुक्का क्लब अल्मोड़ा की रामलीला से एक्सक्लूसिव तस्वीरें

उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा के मुख्य आकर्षण में से एक रामलीला का मंचन इन…

3 days ago

‘पायर’ पहाड़ की ठोस पीठ है

लोग इसे पहाड़ और पलायन की कहानी की तरह देखेंगे. लोग इसे खंडहर होते जा…

4 days ago

धन सिंह राणा ‘संघर्षनामा’

पिछली कड़ी : सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन संघर्षनामा का ये किस्सा आजादी…

5 days ago

गौरा को किसी से शिकायत नहीं थी

गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह…

1 week ago