History of uttarakhand

उत्तराखण्ड में सिक्कों की छपाई का इतिहासउत्तराखण्ड में सिक्कों की छपाई का इतिहास

उत्तराखण्ड में सिक्कों की छपाई का इतिहास

उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल का श्रीनगर शहर मध्यकाल से ही सिक्कों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध रहा था. उस समय…

4 years ago
पहाड़ में राजस्व के साथ पुलिस भी संभाले पटवारीपहाड़ में राजस्व के साथ पुलिस भी संभाले पटवारी

पहाड़ में राजस्व के साथ पुलिस भी संभाले पटवारी

गों घर हो या पट्टी, अंग्रेज की शकल किसने देखी? पर पटवारी वो तो साक्षात् राजसेब हुआ.जरा उसकी आँख में…

4 years ago
जोश्याणी कांड: राजगद्दी के लिये जब एक भाई ने अपनी ही राजधानी लुटवा दीजोश्याणी कांड: राजगद्दी के लिये जब एक भाई ने अपनी ही राजधानी लुटवा दी

जोश्याणी कांड: राजगद्दी के लिये जब एक भाई ने अपनी ही राजधानी लुटवा दी

1780 का साल रहा होगा. गढ़वाल और कुमाऊं दोनों जगह राजगद्दी को लेकर आंतरिक संघर्ष जारी था. कुमाऊं में ललितशाह…

4 years ago

माधो सिंह भण्डारी : उत्तराखण्ड के इतिहास का पराक्रमी योद्धा

माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड के मध्यकालीन इतिहास के वीर योद्धा हैं. माधो सिंह भण्डारी के शौर्य व पराक्रम के किस्से…

4 years ago
पहले हल्द्वानी के खेतों, बगीचों में जंगली जानवर घूमा करते थे, अब अलग-अलग नस्ल के कुत्ते भौंका करते हैंपहले हल्द्वानी के खेतों, बगीचों में जंगली जानवर घूमा करते थे, अब अलग-अलग नस्ल के कुत्ते भौंका करते हैं

पहले हल्द्वानी के खेतों, बगीचों में जंगली जानवर घूमा करते थे, अब अलग-अलग नस्ल के कुत्ते भौंका करते हैं

आज स्थिति बिल्कुल अलग हो गई है पूरा हल्द्वानी और उसके आसपास के मीलों तक फैले गांव फतेहपुर, लामाचौड़, लालकुआं…

5 years ago
हल्द्वानी में सबसे पहला चर्च रोडवेज बस स्टेशन के पास थाहल्द्वानी में सबसे पहला चर्च रोडवेज बस स्टेशन के पास था

हल्द्वानी में सबसे पहला चर्च रोडवेज बस स्टेशन के पास था

बरेली के मिशनरी प्रचारक विलियम बटलर ने पहाड़ में मिशनरी का खूब प्रचार किया था. फतेहपुर के पास ईसाई नगर…

5 years ago
अपने अंतिम दिनों में शैलेश मटियानीअपने अंतिम दिनों में शैलेश मटियानी

अपने अंतिम दिनों में शैलेश मटियानी

लेखककीय अस्मिता और स्वाभिमान के मूल्य पर कभी समझौता ना करने वाले शैलेश मटियानी पहले अल्मोड़ा में दिखाई देते थे.…

5 years ago
जब नैनीताल की बहुमूल्य विरासत जलकर खाक हो गयीजब नैनीताल की बहुमूल्य विरासत जलकर खाक हो गयी

जब नैनीताल की बहुमूल्य विरासत जलकर खाक हो गयी

1962 में डॉक्टर हेमचंद्र जोशी जाड़ों में नैनीताल से हल्द्वानी रहने आया करते थे और कालाढूंगी रोड स्थित पीतांबर पंत…

5 years ago
हल्द्वानी के ‘न्यू लक्ष्मी सिनेमा’ में पहली फिल्म दिखाई गई थी कश्मीर की कलीहल्द्वानी के ‘न्यू लक्ष्मी सिनेमा’ में पहली फिल्म दिखाई गई थी कश्मीर की कली

हल्द्वानी के ‘न्यू लक्ष्मी सिनेमा’ में पहली फिल्म दिखाई गई थी कश्मीर की कली

नगर से महानगर हो चुके हल्द्वानी ने अपने आसपास के गांवों को भी अपने में सम्मिलित कर लिया है. मुखानी…

5 years ago
धुआंधार कुमाऊनी बोलने वाले पहाड़ी सरदारधुआंधार कुमाऊनी बोलने वाले पहाड़ी सरदार

धुआंधार कुमाऊनी बोलने वाले पहाड़ी सरदार

सरदार जगत सिंह के बड़े भाई दिलबर सिंह उनसे 10 साल बड़े थे. पिताजी के व्यवसाय में हाथ बताने के…

5 years ago