Hari Mridul

अर्जन्या: पहाड़ के लोक से जुड़ी कहानीअर्जन्या: पहाड़ के लोक से जुड़ी कहानी

अर्जन्या: पहाड़ के लोक से जुड़ी कहानी

यकायक मुझे सब कुछ रहस्यमय लगने लगा. घर-आंगन. पेड़-पौधे. लोग. यहां तक कि अपने इजा (मां) और बौज्यू (पिता) भी.…

4 years ago
पहल पत्रिका के आखिरी अंक से हरि मृदुल की कहानी ‘बाघ’पहल पत्रिका के आखिरी अंक से हरि मृदुल की कहानी ‘बाघ’

पहल पत्रिका के आखिरी अंक से हरि मृदुल की कहानी ‘बाघ’

मुझे अपने बूबू (दादा जी) की खूब याद है. अब तो उन्हें गुजरे हुए भी चालीस साल के ऊपर हो…

4 years ago