Article by Bhuwan Chandra Pant

शहादत के पचास वर्ष और वीरांगना की संघर्षपूर्ण दास्तांशहादत के पचास वर्ष और वीरांगना की संघर्षपूर्ण दास्तां

शहादत के पचास वर्ष और वीरांगना की संघर्षपूर्ण दास्तां

देश की सेना के शौर्य परम्परा  की गौरवपूर्ण गाथा में 16 दिसम्बर 1971 का दिन स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया,…

3 years ago
गाली में भी वात्सल्य छलकता है कुमाउनी लोकजीवन मेंगाली में भी वात्सल्य छलकता है कुमाउनी लोकजीवन में

गाली में भी वात्सल्य छलकता है कुमाउनी लोकजीवन में

किसी भी सभ्य समाज में गाली एक कुत्सित व निदंनीय व्यवहार का ही परिचायक है, जिसकी उपज क्रोधजन्य है और…

4 years ago
दम भाई निज भाई और भाई घसड़ पसड़दम भाई निज भाई और भाई घसड़ पसड़

दम भाई निज भाई और भाई घसड़ पसड़

'दम मारो दम मिट जाये गम’ गाना तो बीसवीं शताब्दी में बना साहब! जब कि गम मिटाने का ये नुस्खा…

5 years ago