हिन्दी कहानी

देवता भी चले गए लेकिन गुरु ने गांव नहीं छोड़ादेवता भी चले गए लेकिन गुरु ने गांव नहीं छोड़ा

देवता भी चले गए लेकिन गुरु ने गांव नहीं छोड़ा

आज रेवती का श्राद्ध है. हीरा गुरु दरवाजे पर बैठकर पूरन और भास्कर दत्त जी का इंतजार करते हुए बहुत…

4 years ago
शैलेश मटियानी की एक अमर कहानीशैलेश मटियानी की एक अमर कहानी

शैलेश मटियानी की एक अमर कहानी

पापमुक्ति - -शैलेश मटियानी Paap Mukti Story Shailesh Matiyani घी-संक्रांति के त्यौहार में अब सिर्फ दो ही दिन शेष रह…

5 years ago
शेखर जोशी की कालजयी कहानी ‘दाज्यू’शेखर जोशी की कालजयी कहानी ‘दाज्यू’

शेखर जोशी की कालजयी कहानी ‘दाज्यू’

दाज्यू -शेखर जोशी चैक से निकलकर बाईं ओर जो बड़े साइनबोर्ड वाला छोटा कैफे है वहीं जगदीश बाबू ने उसे…

5 years ago
बलि का बकरा – देवेन मेवाड़ी की कहानीबलि का बकरा – देवेन मेवाड़ी की कहानी

बलि का बकरा – देवेन मेवाड़ी की कहानी

कहानी की कहानी उर्फ़ बकरा बलि का ईजा (मां) बीमार थी. उसका बहुत मन था कि देबी खूब पढ़े हालांकि…

6 years ago
दाड़िम के फूल – इस कहानी की एक कहानी हैदाड़िम के फूल – इस कहानी की एक कहानी है

दाड़िम के फूल – इस कहानी की एक कहानी है

मेरी कहानी ‘दाड़िम के फूल’ की भी एक मजेदार कहानी है. आनंद तब आए जब इससे पहले मेरे दोस्त बटरोही की कहानी ‘बुरांश…

6 years ago
एक बँगला का अंदर सिरफ दो जना – मटियानी जी की मार्मिक कहानीएक बँगला का अंदर सिरफ दो जना – मटियानी जी की मार्मिक कहानी

एक बँगला का अंदर सिरफ दो जना – मटियानी जी की मार्मिक कहानी

अल्मोड़ा के समीप एकांत सिन्तोला में रहने वाले एक वृद्ध एंग्लो-इन्डियन जोड़े को परिवेश बनाकर लिखी गयी शैलेश मटियानी (Shailesh…

6 years ago
पहाड़ के एक युग की दास्तान है शैलेश मटियानी की यह कहानीपहाड़ के एक युग की दास्तान है शैलेश मटियानी की यह कहानी

पहाड़ के एक युग की दास्तान है शैलेश मटियानी की यह कहानी

हिन्दी के मूर्धन्य कथाकार-उपन्यासकार शैलेश मटियानी (Shailesh Matiyani) अल्मोड़ा जिले के बाड़ेछीना में 14 अक्टूबर 1931 को जन्मे थे. सतत…

6 years ago