फोटो http://newsmobile.in से साभार
असम रेजिमेंटस भारतीय सेना की सबसे पुरानी और निर्भीक रायफल्स में शामिल है जिसकी टैग लाईन ही ‘तगड़े रहो’ है. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने असम रायफल्स को असम में स्थित तेल के कुओं को जापानी सेना से सुरक्षित रखने का जिम्मा दिया जिसे असम रायफल्स के सैनिकों ने बखूबी निभाया.जब जापान ने ब्रिटिश भारत पर हमला किया तब उत्तरपूर्व की सीमा पर जापान और ब्रिटिश भारत के बीच केवल असम रेजीमेंट थी.
बदलु राम फर्स्ट असम रेजीमेंट का एक सिपाही था. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापानी सैनिकों से लड़ते हुये रायफल मैन बदलु राम शहीद हो गया. लेकिन उसका क्वाटर मास्टर ने रासन लिस्ट से उसका नाम काटना भूल गया. बदलु राम के नाम का राशन कम्पनी को आता रहा जिसे रखा जाता रहा.
1944 में कोहिमा को जापान की सेना ने चारों ओर से घेर लिया और उन तक पहुँचने वाले राशन के सभी रास्ते बंद कर दिये. कम्पनी में अचानक भूखे मरने की स्थिति हो गयी. एक अंग्रेज ने अपनी डायरी में लिखा कि पानी और भोजन की बहुत कमी थी एक सिपाही को एक दिन का ढेढ़ पाव पानी दिया जाता था. ऐसे में जावानों ने कई दिनों तक वही राशन खाया जो बहादुर राम के नाम पर रखा गया था. जिसके लिए सिपाही हमेशा बहादुर राम के शुक्रगुजार रहते. कोहिमा के युद्ध को द्वितीय विश्व युद्ध के महानतम युद्ध में शामिल किया जाता है.
बदलू राम को श्रद्धांजलि देने के लिए मेजर एम.टी. प्राक्टर यह गीत लिखा था. इस गीत की धुन ‘जांन ब्राउन्स बाडी’ गीत से ली गयी है. बदलू राम का बदन अब असम रेजिमेंट का पारंपरिक गीत बन गया है. असम रेजीमेंट के युवा सैनिक अपनी कसम परेड के दिन कदम ताल, तालियों और सीटी के साथ इसे पूरे जोश से गाते हैं.
असम रेजिमेंट से जुडी एक दिलचस्प बात उनके अभिवादन का तरीका ‘तगड़ा रहो’ है. मेजर जनरल एस.सी.बारबोरा ने इसकी शुरुआत की थी. मेजर जनरल एस.सी.बारबोरा अपने सैनिकों से पूछते ‘तगड़ा हो’ जिसके जवाब में सैनिक कहते ‘तगड़ा है, साहब’.
भारतीय सेना के सैनिकों के शौर्य और पराक्रम की कहानियां तो हर रोज सुनने को मिलती हैं आज भारतीय सेना की असम रायफल्स की कसम परेड के दिन का एक गीत सुनिये.
एक खूबसूरत लड़की थी,
उसको देख कर रायफलमैन,
चिंदी खीचना भूल गया,
हवलदार मेजर देख लिया,
उसको पिट्ठू लगाया,
बदलुराम एक सिपाही था,
जापान वॉर में मारा गया,
क्वाटर मास्टर स्मार्ट था,
उसने रासन निकाला,
बदलु राम का बदन जमीन के नीचे है,
बदलु राम का बदन जमीन के नीचे है,
बदलु राम का बदन जमीन के नीचे है,
तो हमें उसका रासन मिलता है.
साबाश… हल्लेलूजा…
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान…
हमारी भारतीय परंपरा में धरती को हमेशा से ही मां कह कर पुकारा गया है. ‘माता…
तत्कालीन नार्थ वेस्टर्न प्रोविनेंस यानी उत्तर प्रदेश के जिस ब्रिटिश अधिकारी ने उन्नीसवीं शताब्दी के…
संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान…
पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र…
उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…