बीते दिनों मास्क न पहनने पर मसूरी में रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा का चालान कटने का वीडियो सोशियल मीडिया में खूब वायरल हुआ. इस वीडियो में अपने परिवार के साथ घूम रहे विधायक प्रदीप बत्रा की ड्यूटी पर मौजूद दरोगा से कहा-सुनी होती भी दिख रही थी. वीडियो में विधायक के साथ एक युवा को पुलिस से उलझते हुये भी देखा गया. वीडियो के अन्त में विधायक चालान के पैसे फेंकते नजर आये. इस वीडियो के वायरल होने के बाद कार्यवाही करने वाले दरोगा नीरज कठैत का तबादला हो गया.
(Roorkee MLA Pradeep Batra Challan)
इस वीडियो के सोशियल मीडिया में वायरल होने के बाद जहां एक तरह दरोगा की खूब तारीफ़ हो रही थी वही ख़बर आई कि रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा ने घटना के संबंध में डीजीपी अशोक कुमार से मुलाक़ात की.
मुलाक़ात के विषय में बताया गया कि विधायक ने दरोगा द्वारा अभद्र व्यवहार करने और वीडियो का एक ही भाग वायरल करने का आरोप लगाया और शिकायत करते हुये कहा कि पर्यटकों के बीच पुलिस प्रदेश की गलत छवि बना रही है. डीजीपी ने जांच एसपी सिटी सरिता डोबाल को सौंप दी.
(Roorkee MLA Pradeep Batra Challan)
अब जब दरोगा नीरज कठैत के कालसी तबादले की खबर आ रही है मामला एकबार फिर तूल पकड़ता नज़र आ रहा है. नीरज कठैत के तबादले के विषय में विभाग द्वारा कहा जा रहा है कि यह किसी दबाब में नहीं किया जा रहा है यह केवल एक रूटीन तबादला है.
इंटरनेट में इस घटना को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं. लोगों का कहना है कि दरोगा नीरज कठैत को अपनी इमानदारी की कीमत चुकानी पड़ रही है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि दरोगा नीरज कठैत का तबादला करने से ईमानदार पुलिस वालों का मनोबल कमजोर होगा.
(Roorkee MLA Pradeep Batra Challan)
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निश्चित ही दरोगा कठैत जी को ईमानदारी से अपनी नौकरी करने और कथित वीआईपी से अनिच्छित कानून पालन की अपेक्षा रखने का दंड मिला है ।
वीडियो की पूरी सच्चाई सामने आना जरूरी है जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक दरोगा जी या विधायक जी दोनों में से किसी को गलत ठहराना सही नहीं होगा और वैसे माननीय को सम्मान देना चाहिए वीडियो में दरोगा द्वारा विधायक पिधायक शब्द का अनुचित इस्तेमाल किया गया है जो कि हमारी विधानसभा के सदस्यों का अपमान है