व्यक्तित्व

उत्तराखण्ड की प्रियंका बनीं नेशनल यूथ बास्केटबॉल टीम की कोच

उत्तराखण्ड के कई खिलाडियों ने खेलों की दुनिया में अपना मुकाम बनाया है. हल्द्वानी की प्रियंका भंडारी इसी सिलसिले में एक और नाम है. बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रियंका भंडारी को आस्ट्रेलिया में होने वाली फीबा अंडर-16 एशियन वुमेन चैंपियनशिप में प्रतिभाग करने जा रही भारतीय बास्केटबॉल टीम का कोच नियुक्त किया है. इससे पहले प्रियंका भारतीय महिला अंडर-18 बास्केटबॉल टीम की भी कोच रह चुकी हैं. (Priyanka Bhandari National Basketball Coach)

प्रियंका 4 मार्च से एक माह तक बंगलुरू, विद्यानगर बास्केटबॉल एकेडमी, नारायण नेशनल यूथ सेंटर, में आयोजित भारतीय टीम के कैंप का हिस्सा बनेंगी. फीबा अंडर-16 एशियन वुमेन चैंपियनशिप आस्ट्रेलिया के केनबरा में अप्रैल में आयोजित होगी.

अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल में अपना मुकाम बनाने वाली प्रियंका को खेल विरासत में मिला है. उनके पिता कैप्टन पुष्कर सिंह भंडारी (सेवानिवृत्त) स्वयं बेहतरीन हॉकी खिलाड़ी रह चुके हैं. भाई विक्रम भंडारी फुटबाल के अच्छे खिलाड़ी हैं. प्रियंका की बड़ी बहन मीनाक्षी भी शानदार बास्केटबॉल खिलाड़ी रही हैं. अपनी बहन को देखकर ही प्रियंका बास्केटबॉल खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित भी हुईं.

प्रियंका भंडारी के खेल जीवन की शुरुआत स्कूली समय से ही हो गयी. दिल्ली में पढ़ाई करने के दौरान वे दिल्ली केंट के आर्मी पब्लिक स्कूल की टीम का हिस्सा बनीं.

स्कूल से शुरू हुआ यह सिलसिला लगातार आगे बढ़ता रहा. कॉलेज की पढ़ाई के दौरान भी प्रियंका दिल्ली विश्वविद्यालय और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की बास्केटबॉल टीम में शामिल हुईं. इसके बाद प्रियंका पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला की सहायक कोच बनीं.

प्रियंका ने बास्केटबॉल कोचिंग के लिए अपना एनआईएस का डिप्लोमा पटियाला से किया. पहली इंटर्नशिप के लिए वे सिंहानिया यूनिवर्सिटी, राजस्थान गयी जहां वे 6 हफ्ते के एनआईएस सर्टिफिकेट कोर्स की कोच रहीं.

इसके बाद प्रियंका बृज मोहन लाल यूनिवर्सिटी, गुडगाँव में स्पोर्टस ऑफिसर नियुक्त हुईं. भारतीय महिला अंडर-18 बास्केटबॉल टीम की कोच बनने से पहले प्रियंका ने भारतीय सेना की 50 इन्फेंट्री ब्रिगेड को भी कोचिंग दी.  

भारतीय महिला अंडर-18 बास्केटबॉल टीम की कोच बनने के बाद से ही प्रियंका प्रोफेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी बनाने के लिए जमीनी स्तर पर ही काम कर रही हैं. इस समय प्रियंका गुडगाँव के स्कूलों और खेल एकेडमियों में छोटे-बड़े बच्चों को ट्रेनिंग देकर भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी तैयार करने के काम में जुटी हैं.

मूल रूप से हल्द्वानी के दयाल विहार फेज वन निवासी प्रियंका भंडारी वर्तमान में गुड़गांव के एक शिक्षा संस्थान में फिजिकल एजुकेशन की हेड ऑफ डिपार्टमेंट हैं.  
— सुधीर कुमार

रूप दुर्गापाल: अल्मोड़ा की बेटी का भारतीय टेलीविजन स्टार बनने का सफर 

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Sudhir Kumar

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

2 weeks ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

2 weeks ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

2 weeks ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

3 weeks ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

3 weeks ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

3 weeks ago