Featured

कुमाऊं में प्राथमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में कुमाऊनी शामिल

आज नैनीताल में उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में कुमाउंनी पाठ्य पुस्तकों का विमोचन किया गया. इन पुस्तकों को कुमाऊं के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाया जायेगा. Kumaoni Included in the Primary Education Curriculum

नैनीताल के भीमताल ब्लॉक, अल्मोड़ा के हवालबाग ब्लॉक, बागेश्वर के विकासखंड बागेश्वर, पिथौरागढ़ के विण ब्लॉक, चंपावत के चम्पावत ब्लॉक और ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर ब्लॉक के सरकारी विद्यालयों मे यह पुस्तकें जल्द ही उपलब्ध करा दी जायेंगी.

अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से इन ब्लाकों के प्राथमिक स्कूलों में कुमाऊंनी पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा. इन पुस्तकों को शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किया गया है  

गढ़वाल की तर्ज पर यहां भी धगुली किताब पहली कक्षा के लिये, हसुली किताब दूसरी कक्षा के लिये, छुबकि किताब कक्षा तीन के लिये, पैजबि किताब कक्षा चार के लिये और झुमकि कक्षा पांच के लिये बनाई गयी है.

कुछ माह पहले पौड़ी गढ़वाल के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की पहल पर पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए गढ़वाली पाठ्यक्रम शुरू किया गया था. पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें : पौड़ी के डीएम धीराज गर्ब्याल की पहल पर पांचवीं कक्षा तक गढ़वाली पाठ्यक्रम तैयार

पाठ्यक्रम में शामिल किताबों में मुख्य रूप से कुमाऊंनी संस्कृति पर आधारित लोक कथाएं, लोकगीत, झोड़ा, आंड़, कथा कहानी, कविताएं, नाटक, दंतकथा, डायरी संस्मरण, यात्रा वृतांत समाहित हैं. Kumaoni Included in the Primary Education Curriculum

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने फेसबुक पेज पर पुस्तकों की तस्वीर साझा कर जानकारी देते हुए लिखा कि

मुझे यह बताते हर्ष है कि हमारी नई पीढ़ी को अपनी भाषाओं से जोड़ने के लिए गढ़वाली पाठ्य पुस्तकों की तर्ज पर अब कुमाउंनी पाठ्य पुस्तकें भी तैयार हैं. स्कूली बच्चों को कुमाउंनी पाठ्य पुस्तकों के जरिए हमारी संस्कृति और भाषा से जोड़े रखने में मदद मिलेगी.

 

-काफल ट्री डेस्क

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

4 days ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

4 days ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

5 days ago

कुमाऊँ की खड़ी होली

इन दिनों उत्तराखंड के कुमाऊँ में होली की धूम है. जगह-जगह खड़ी होली और बैठकी…

1 week ago

आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव

बात उन दिनों की है, जब महात्मा गांधी जब देश भर में घूमकर और लिखकर…

2 weeks ago

फूल, तितली और बचपन

बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि…

3 weeks ago