हैडलाइन्स

आठ लोगों की बलि और ले ली केदारनाथ आल वेदर रोड ने

सर पर कफ़न बाँध कर यात्रा करें, उत्तराखंड में हर जगह ऑल वेदर रोडें बन रही हैं. (Eight Deaths on Kedarnath All Weather Road)

पिछले कुछ समय से समूचे उत्तराखंड में विकास की ऐसी बयार चली है कि हर बनी बनाई सड़क को उखाड़ कर चौड़ा किया जा रहा है. इस काम के लिए जिस अवैज्ञानिक और असुरक्षित तरीके से पहाड़ों को काटा जा रहा है. ( Eight Deaths on Kedarnath All Weather Road)

अपने पहाड़ों की तरफ जाने पर दिखाई देता है कि जहाँ सड़क नहीं है, वहां सड़क बनाई जा रही है. जहां है उसे चौड़ा किया जा रहा है. जहाँ पर्याप्त चौड़ी है उसे और अधिक चौड़ा किया जा रहा है. जहाँ से दो बसें आराम से गुज़र सकती हैं वहां टैंकों के आने-जाने का मार्ग बनाया जा रहा है. हज़ारों की तादाद में हरे पेड़ काट डाले गए हैं. हर नई यात्रा में नज़र आता है कि पहाड़ी का कोई न कोई टुकड़ा जो पिछली बार हरियाली और पेड़ों से भरा दीखता था उसे आसमान तक सीधा छील कर भूरा और बदसूरत बना दिया गया है.

बुलडोज़र-जेसीबी जैसे दैत्यों के डैनों पर सवार विकास ठेकेदार-नेताओं से कहता दिख रहा है -“काटे जाओ! अभी बहुत माल बचा हुआ है इन पहाड़ों में!”

इस पागलपन के बीच कल रात केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक कार और दो मोटरसाइकिलों पर पहाड़ से गिरे पत्थरों ने कम से कम पांच नौजवानों की जां ले ली. बचाव दल और अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका से इनकार नहीं कर रहा.

रुद्रप्रयाग जिला हेडक्वार्टर से कोई 60 किलोमीटर दूर केदारनाथ हाईवे पर चंडिकाधार के  नजदीक  यह दुर्घटना घटी. यहाँ से गौरीकुंड की दिशा में जाने वाले मुख्य मार्ग पर अचानक पहाड़ से बड़े बड़े पत्थर और चट्टानों ला गिरना शुरू हो गया. सड़क पर यात्रा कर रहे यात्रियों के कुछ भी समझ पाने से पहले ही दो मोटरसाइकिलें और एक कार उनके शिकार बन गए. ( Eight Deaths on Kedarnath All Weather Road)

इस इलाके में लम्बे समय से पहाड़ काट कर सड़क चौड़ी की जा रही है और ऑल वेदर रोड बन रही है. दरअसल इन दिनों समूचे प्रदेश में यात्रा करना भीषण जोखिम का काम बन गया है. पिछले कुछ महीनों में लापरवाह सड़क निर्माण के चलते मरनेवालों की संख्या बहुत अधिक हो गयी है.

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