Featured

दो दशकों बाद नैनीसैनी एयरपोर्ट का सपना हुआ पूरा

17 जनवरी 2019 की तारीख पिथौरागढ़ के इतिहास में हमेशा के लिये दर्ज हो चुकी है. आज की भागती दुनिया में ऐसा कम ही होता है कि तीन पीढ़ियों का एक ही सपना हो. पिथौरागढ़ में नैनीसैनी एयरपोर्ट का सपना तीन पीढ़ियों को साथ जोड़ता है. पिथौरागढ़ के लोगों के लिये 17 जनवरी का यह दिन किसी पर्व से कम नहीं है.

पिथौरागढ़ हवाई पट्टी 1997 में बन चुकी थी. तब से पिथौरागढ़ के लोग यहाँ एयरपोर्ट का इंतज़ार कर रहे थे. इसलिए आज का दिन पिथौरागढ़ के लोगों के लिये यह भावपूर्ण क्षण भी था.

आज सुबह जब 10 बजकर २० मिनट पर जब फ्लाइट नंबर 4H -101 नैनीसैनी एयरपोर्ट पर उतरी तो लोगों के बीच जश्न का माहौल था. दो दशकों का एक सपना जब पूरा होगा तो जश्न बनना लाजमी है. इस जश्न को आज पिथौरागढ़ नैनीसैनी एयरपोर्ट पर देखा जा सकता है. छलिया ढोल दमवा के साथ पिथौरागढ़ पहुंचे यात्रियों और प्लेन चालक का स्वागत किया. फ्लाइट नंबर 4H -101 ने देहादून से पिथौरागढ़ के लिये सुबह साढ़े नौ बजे उड़ान भरी थी.

(और हम वापस पहुंचे पहाड़ों की गोद में, ठुलीगाड़ बना पिथौरागढ़ में अड्डा)

इस मौके पर पिथौरागढ़ के विधायक और राज्य वित्त मंत्री प्रकाश पंत भी मौजूद थे. प्रकाश पंत का स्थानीय लोगों ने छलिया ढोल दमुए के साथ स्वागत भी किया. स्थानीय महिलाओं ने पारम्परिक वेशभूषा में प्रकाश पंत समेत अन्य यात्रियों का स्वागत किया.

नैनीसैनी एयरपोर्ट के लिये प्रतिदिन शुरू हुई इस फ्लाइट के विषय में पर्यटन सचिव और नागरिक उड्डयन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि नेपाल और चीन के साथ सीमाओं पर रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (उड़ान) योजना के तहत शुरू की जाने वाली यह दूसरी हवाई सेवा होगी. (यूरोप के हवाई अड्डे पर उतरेंगे पिथौरागढ़ आने वाले जहाज)

इस संदर्भ में पंतनगर हवाई अड्डे के निदेशक संजीव कुमार सिंह ने कहा कि हेरिटेज विमानन कंपनी पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर मार्ग पर हवाई सेवा का संचालन भी शुरू करेगी. उड़ान योजना के तहत एक महीने के भीतर पंतनगर हवाई अड्डे से शुरू की जाने वाली यह दूसरी हवाई सेवा है. इस मार्ग पर 30 मिनट की यात्रा के लिए प्रति टिकट 1,410 रुपये खर्च होंगे. सिंह ने बताया कि यात्रियों की संख्या के आधार पर, कंपनी रूट पर नए 20 सीटर विमानों के संचालन पर भी गंभीरता से विचार कर रही है.

हेरिटेज एविएशन कंपनी के अधिकारी ने कुछ दिन पहले ही जानकारी दी थी कि शुरू में कंपनी दैनिक उड़ानों के लिए इस मार्ग पर नए नौ सीटर विमान का उपयोग करेगी. जिसकी टिकट ऑनलाइन करनी होगी.

उड़ान संख्या 4H-103 सुबह 11:30 बजे पंतनगर से रवाना होगी और 12 बजे पिथौरागढ़ के नैनी सैनी हवाई अड्डे पर पहुंचेगी. फ्लाइट संख्या 4H-102 को पिथौरागढ़ से सुबह 10:40 बजे रवाना करने और 11:10 बजे पंतनगर पहुंचने की उम्मीद है.

उड़ान संख्या 4H-101 देहरादून से सुबह 9:30 बजे प्रस्थान करेगी और 10:20 बजे पिथौरागढ़ पहुंचेगी जबकि 4H-104 12:20 बजे पिथौरागढ़ से प्रस्थान करेगी और 1:10 बजे देहरादून पहुंचेगी.

15 जनवरी को टिकट बुकिंग खुलने के पहले चार घंटों में ही 17 से 25 जनवरी तक की सभी टिकटें बुक हो गयी थी. पिथौरागढ़ से पंतनगर तक का किराया सभी टैक्स मिलाकर 1635 रुपये और पिथौरागढ़ से देहरादून तक का किराया 1794 रुपये है.

(पिथौरागढ़ के लिये टिकट यहाँ से बुक करें)

गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट के जल्द ही शुरू होने की खबरों से इस बात के संकेत भी दिए हैं कि जल्द ही पिथौरागढ़ से दिल्ली तक सीधी फ्लाइट जल्द शुरु होगी. पिथौरागढ़ से दिल्ली तक सीधी फ्लाइट अब हिंडन एयरबेस के तैयार होने पर निर्भर है.

नैनीसैनी एयरपोर्ट सीमांत क्षेत्र में न केवल विकास से जुड़ा है बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से यह भारत सरकार के सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट में एक है. हालांकि सामरिक दृषिटकोण से अतिमहत्वपूर्ण घोषित इस एयरपोर्ट के भीतर के चप्पे-चप्पे का वीडियो पिछले कई महीनों से यूट्यूब पर मौजूद है.

-काफल ट्री डेस्क

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

View Comments

  • अच्छी खबर । आपने भी अच्छी जानकारी दी । लखनऊ से भी सेवा शुरू होगी तो और भी अच्छा लगेगा। सुदूर पर्वतों से जुड़े लोग एनसीआर और लखनऊ में बहुत हैं।

  • अच्छी खबर । आपने भी अच्छी जानकारी दी । लखनऊ से भी सेवा शुरू होगी तो और भी अच्छा लगेगा। सुदूर पर्वतों से जुड़े लोग एनसीआर और लखनऊ में बहुत हैं।

Recent Posts

कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा

कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है,…

2 weeks ago

बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार

पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…

2 weeks ago

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…

2 weeks ago

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…

2 weeks ago

उत्तराखण्ड के सरोवर

उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…

2 weeks ago

दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध

पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…

2 weeks ago