Featured

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 98

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

7 years ago

पहले गणतंत्र दिवस की भावुक कर देने वाली तस्वीरें

26 जनवरी 1950 को भारत सुबह 10:18 बजे एक गणराज्य बन गया. उसके कुछ मिनट बाद, सुबह 10:24 बजे डॉ.…

7 years ago

हल्के-फुल्के मिजाज की फिल्म चश्मेबद्दूर

चश्मेबद्दूर (Chashme Buddoor) एक पर्सियन शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है- बुरी नजर से दूर या नजर ना लगे. चश्मे…

7 years ago

नैनीताल के अनूप साह को पद्मश्री पुरुस्कार

आधुनिक नैनीताल के निर्माताओं में शुमार दशकों तक नैनीताल की शिक्षा, उद्यम, पर्यटन और पर्वतारोहण के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका…

7 years ago

गणतन्त्र के मौके पर राष्ट्र का नागरिकों के नाम पत्र

ओए नागरिक... अमाँ बाशिंदे... अबे देसवासी जियो... बसो... फलो तुम्हारी भेजी चिट्ठी मिली. चलो इस ज़माने में भी चिट्ठी पत्री…

7 years ago

संविधान सभा में आधे मुल्क का प्रतिनिधित्व करने वाली पन्द्रह महिलाएं

संविधान सभा (constitutional assembly) की पहली बैठक 9 दिसम्बर, 1946 को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन हॉल, जिसे अब संसद भवन…

7 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 97

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

7 years ago

कृष्णा सोबती: वर्जित प्रदेशों में निडर घुसपैठ करने वाली कथाकार

चराग़-ए-राह बुझा क्या कि रहनुमा भी गया हवा के साथ मुसाफ़िर का नक़्श-ए-पा भी गया - परवीन शाक़िर -'सर आई…

7 years ago

उत्तराखण्ड के अरबपति दान सिंह ‘मालदार’ की कहानी

दान सिंह बिष्ट 'मालदार' (Dan Singh Bisht 'Maldar') (1906 -10 सितंबर 1964) दान सिंह बिष्ट उर्फ़ दान सिंह ‘मालदार’ (Dan…

7 years ago

उत्तराखंड में बीज बचाओ आन्दोलन

80 के दशक तक उत्तराखंड के पहाड़ों में भी हरित क्रान्ति ने जोर पकड़ लिया था. पहाड़ों में सरकारी व…

7 years ago