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धतिया नगाड़ा: आपदा की सूचना के लिए धाद लगाने का वाद्य

कुमाऊँ के मध्यकालीन शासकों द्वारा एक विशेष नगाड़े का निर्माण करवाया जाता था. इस नगाड़े का इस्तेमाल ख़ास मौकों पर…

7 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 116

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

7 years ago

सुमित्रानंदन पन्त की भारत माता

20 मई 1900 को उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के कौसानी नामक स्थान में जन्मे सुमित्रानंदन पन्त (Sumitra Nandan Pant) हिन्दी…

7 years ago

ज्यादा फर्क नहीं है वरिष्ठ और गरिष्ठ अधिकारी मे

वरिष्ठ अधिकारी अंतर देस इ (... शेष कुशल है!) वरिष्ठ और गरिष्ठ मे ज्यादा फर्क नहीं है... खासकर जब वो…

7 years ago

आख़िर किस मिट्टी के बने होते हैं कमान्डो

2008 के मुम्बई हमले के बाद हमारे साथी और वरिष्ठ पत्रकार-सम्पादक सुंदर चंद ठाकुर ने अपने एक कमांडो मित्र पर…

7 years ago

आख़िरी साँसें गिन रहा है पहाड़ का काष्ठशिल्प

बढ़ती आधुनिकता के साथ लकड़ी से बने परम्परागत उत्पाद हमारे जीवन से दूर होते-होते अब लगभग लगभग समाप्त हो चुके…

7 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 115

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

7 years ago

अंग्रेजों के ज़माने का पटवारी हुआ गुमानसिंह

जीवन भर हल्द्वानी (Haldwani) में रहे स्व. आनन्द बल्लभ उप्रेती (Anand Ballabh Upreti) राज्य के वरिष्ठतम पत्रकार-लेखकों में थे. हल्द्वानी…

7 years ago

स्कूल में शनिवार को अंग्रेज़ी और घर पर हर रोज संस्कृत बोलेंगे उत्तराखंडी बच्चे

उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने फरवरी 13 तारीख को विधानसभा में अपना अभिभाषण दे दिया है. अपनी सरकार…

7 years ago

तुम से न हो पाएगा देश के प्यारो!

कल पुलवामा (Pulwama) में हुए कायराना हमले के परिदृश्य में हमारे साथी अमित श्रीवास्तव ने यह झकझोर देने वाली टिप्पणी…

7 years ago