इतिहास

हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 61

1860 के करीब पटवा बिरादी ने रामपुर से आकर हल्द्वानी में कारोबार शुरू किया था. तब पैंठ पड़ाव में सड़के…

7 years ago

हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 60

करीब सवा सौ साल पूर्व अपने मूल स्थान जिला सीकर राजस्थान के ग्राम कांवट निकट नीम का थाना से रानीखेत…

7 years ago

हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 59

सन 1900 के करीब अलीगढ़ के गांव काजमाबाद से रामचन्द्र जी भी यहां आये और साझे में हलवाई की दुकान…

7 years ago

उत्तराखण्ड के बौद्ध स्थविर

उत्तराखंड का इतिहास भाग – 8 गंगा और रामगंगा तक फैली भाबर की उत्तरी सीमा पर फैली शिवालिक की निचली…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 58

इस परिवार की दूसरी फर्म जवाहरलाल जगन्नाथ प्रसाद नाम से बनी, जिसमें मिश्री गट्टा, बूरा का कार्य होता था. सदर…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 57

यूसुफ साहब बताते हैं कि उन्होंने बचपन में अपने बुजुर्गों से रामगढ़, नथुवाखान, बागेश्वर इत्यादि नाम सुने थे. इन जगहों…

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आजादी से पहले उत्तराखण्ड में वन आन्दोलन

वन आन्दोलन 1920-21 तक बेगार आन्दोलन का पूरक हो गया था. इन आन्दोलनों के व्यापक सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, आर्थिक तथा…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 56

हल्द्वानी के बरेली रोड में आज भी अब्दुल्ला बिल्डिंग विख्यात है. इसके बारे में माजिद साहब बताते हैं कि उनका…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 55

जहिद हुसैन बताते हैं कि पहले जब संसाधन नहीं थे, पैदल और घोड़ों पर बारात जाया करती थी. 40-50 किमी…

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थियेटर इन नैनीताल – उमेश तिवारी ‘विश्वास’ की एक ज़रूरी किताब

नैनीताल में थियेटर का इतिहास करीब एक शताब्दी पुराना है और नैनीताल नगर ने लम्बे समय से रंगमंच के क्षेत्र…

7 years ago