लोक

बसंत के इस्तकबाल का त्यौहार है फूलदेई

ऋतुराज बसंत का स्वागत उत्तराखण्ड को देवभूमि के साथ उत्सवों की भी भूमि कहा जाय तो गलत नहीं होगा. यहाँ…

7 years ago

विश्व में सबसे ऊंचा शिव मंदिर है तुंगनाथ

समुद्र की सतह से 3680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ (Tungnath) मंदिर की गिनती पञ्चकेदार में होती है. उत्तराखंड…

7 years ago

हुड़का: उत्तराखण्ड का प्रमुख ताल वाद्य

उत्तराखण्ड का प्रमुख ताल वाद्य ढोल, दमाऊ, डौर, ढोलक, नगाड़ा, धतिया नगाड़ा, थाली और हुड़का (Hudka) आदि उत्तराखण्ड के प्रमुख…

7 years ago

जिनके पिया परदेस बसत हैं : लखनऊ में कुमाऊनी होली की परम्परा

'उत्तराखण्ड होली के लोक रंग' शेखर तिवारी द्वारा संपादित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है. चंद्रशेखर तिवारी काफल ट्री के नियमित सहयोगकर्ता…

7 years ago

रितुरैण या ऋतुरैण: चैत के महीने में गाये जाने वाले लोक गीत

रितुरैण या ऋतुरैण (Riturain) गीतों का उत्तराखण्ड की लोक परम्पराओं में महत्वपूर्ण स्थान रहा है. इन्हें बसंत ऋतु और विशेषकर…

7 years ago

शकुनाखर: मांगलिक अवसरों पर गाये जाने वाले गीत

शकुनाखर (Shakunakhar) उत्तराखण्ड (Uttarakhand) के कुमाऊँ मंडल में किसी भी शुभ कार्य की शरुआत से पहले गाये जाने वाले गीत…

7 years ago

रंग डारि दियौ हो अलबेलिन में – पहाड़ी होली पर गिर्दा का आलेख

काफल ट्री के नियमित सहयोगी चंद्रशेखर तिवारी ने 'उत्तराखण्ड होली के लोक रंग' नाम से एक महत्वपूर्ण पुस्तक का सम्पादन…

7 years ago

कुमाऊँ का हुड़किया समुदाय

लोकसंस्कृति के पुरोधा हुड़किया उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल में एक उपजाति हुआ करती है. यह राजस्थान की मिरासी जाति की…

7 years ago

गढ़वाल की विवाहिताओं द्वारा बसंत में गाये जाने वाले खुदेड़ गीत

खुदेड़ गीत उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल में बसंत के मौके पर गाये जाने वाले गीत हैं. यह गीत नवविवाहिताओं के…

7 years ago

वर्ल्ड म्यूजिक डे स्पेशल : ऋतुरैण गायन की विलुप्त होती परंपरा

उत्तराखण्ड (Uttarakhand)में ऋतु गीत गए जाने की परंपरा है, यह अब विलुप्त होती जा रही है. बसंत ऋतु में गाये…

8 years ago